ब्रेकिंग न्यूज़ | चुनावी समीकरणों के बीच डैमेज कंट्रोल मोड में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, अतुल बोरा से की मुलाकात
असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डिसपुर के विधायक अतुल बोरा से उनके निवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात को पार्टी के भीतर उत्पन्न असंतोष को नियंत्रित करने और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब एक दिन पहले ही कांग्रेस की उम्मीदवार मीरा बोरठाकुर ने अतुल बोरा से संपर्क किया था। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में संभावित समीकरणों और दल-बदल की अटकलों को और तेज कर दिया है, खासकर डिसपुर जैसी अहम सीट को लेकर। उल्लेखनीय है कि अतुल बोरा उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें इस बार भाजपा ने टिकट नहीं दिया है। पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची में बड़े स्तर पर बदलाव कर रही है, जिसमें नए चेहरों को मौका देने के साथ-साथ कांग्रेस से आए प्रमुख नेताओं—जैसे प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा—को भी समायोजित किया जा रहा है। इस रणनीतिक फेरबदल ने पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति भी पैदा की है। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह मुलाकात न केवल एक व्यक्तिगत संवाद है, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी है कि पार्टी नेतृत्व असंतुष्ट नेताओं को साथ लेकर चलने और किसी भी तरह के आंतरिक विरोध को शांत करने के लिए सक्रिय है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावों से पहले पार्टी की एकता बनाए रखने और संभावित नुकसान को रोकने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह डैमेज कंट्रोल कितना प्रभावी साबित होता है और इसका चुनावी परिणामों पर क्या असर पड़ता है।