शाहजहांपुर में डीएम की नई मुहिम: स्कूल कैंपस से किताब बिक्री पर सख्ती, अभिभावकों को बड़ी राहत
शाहजहांपुर। जिले में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों को राहत देने के लिए जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने एक अहम पहल शुरू की है। अब किसी भी सीबीएसई स्कूल को अपने परिसर से किताबें बेचने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई विद्यालय ऐसा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने स्पष्ट किया कि इस कदम का उद्देश्य अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाना और स्कूलों द्वारा तय दुकानों से किताबें खरीदने के दबाव को खत्म करना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई स्कूल परिसर में किताब या स्टेशनरी बेचता है, तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
वेबसाइट पर उपलब्ध होगी किताबों की सूची
डीएम ने बताया कि पहले चलाए गए अभियान के तहत सभी सीबीएसई विद्यालयों को अपनी-अपनी कक्षाओं की किताबों की सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही, इन सूचियों को प्रशासन की वेबसाइट (nic.in) पर भी फोटो सहित उपलब्ध कराया गया है, ताकि अभिभावक आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।
अभिभावकों के लिए तीन अहम अपीलें
जिलाधिकारी ने अभिभावकों और आमजन से तीन महत्वपूर्ण अपीलें की हैं—
1. अभिभावक वेबसाइट पर जाकर किताबों की सूची जरूर देखें। यदि किसी कक्षा या विद्यालय की सूची नहीं दिखती है, तो कमेंट कर इसकी सूचना दें।
2. नए सत्र की शुरुआत में यदि कोई स्कूल परिसर में किताबें या स्टेशनरी बेचता मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
3. पुस्तक विक्रेताओं और प्रकाशकों से अपील है कि वे अपने प्रतिष्ठान का नाम, मोबाइल नंबर और किताबों पर दी जाने वाली छूट की जानकारी कमेंट बॉक्स में साझा करें, ताकि अभिभावक सस्ती दरों पर किताबें खरीद सकें।
पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की पहल
डीएम की इस पहल से जिले में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और किताबों की खरीद में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। इससे अभिभावकों को एक ही स्थान से महंगी किताबें खरीदने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।