मड़िहान में ज्ञान, शोध और संस्कार का संगम: राष्ट्रीय सम्मेलन बना युवाओं के सपनों का मंच
मड़िहान में ज्ञान, शोध और संस्कार का संगम: राष्ट्रीय सम्मेलन बना युवाओं के सपनों का मंच
कलवारी; मिर्ज़ापुर
मिर्जापुर जनपद के मड़िहान स्थित ओम साईं विंध्य कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी में शुक्रवार को राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ। इस दौरान शैक्षणिक कार्यक्रम के अलावा ज्ञान, नवाचार और भावनाओं का ऐसा संगम बन गया जिसने हर उपस्थित व्यक्ति के मन को छू लिया।
फार्मेसी शिक्षा को पुनर्परिभाषित करने के लिए मड़िहान में राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन इसलिए किया गया कि पिछड़े क्षेत्र के छात्रों के लिए प्रेरणा बने। इस दौरान अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और समग्र तनाव प्रबंधन, जो आज के बदलते दौर में शिक्षा की दिशा और दशा दोनों को समझने का एक सशक्त अवसर साबित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां विंध्यवासिनी के स्मरण के साथ हुई, जिससे पूरे वातावरण में श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर बी. एम. एन. कुमार (RGSC BHU), डॉ मनोज कुमार सिंह एसोसिएट प्रोफेसर (RGSC,BHU), प्रोफेसर डॉ सुनील मिस्त्री डायरेक्टर (एपेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ फॉर्मेसी,चुनार मिर्जापुर) अपने विचार रखते हुए छात्रों को अनुसंधान और नवाचार की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ सुशीला गुप्ता प्रिंसिपल (विंध्य गुरुकुल कॉलेज आफ फार्मेसी), डॉ नरेंद्र कुमार सिंह प्रोफेसर (VBSPU जौनपुर), डॉ अम्बरीष कुमार सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर (आरजीएससी बीएचयू ), डॉ महेंद्र कुमार सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर (बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर), डॉ एमके नंदी एसोसिएट प्रोफेसर (आरजीएससी बीएचयू), डॉ शिवजीत सिंह प्रिंसिपल (सत्यम शिवम कॉलेज आफ फार्मेसी प्रयागराज), डॉ अश्विन कुमार कुशवाहा असिस्टेंट प्रोफेसर (आरजीएससी बीएचयू), मिस्टर बृजेश कुमार सरोज एसोसिएट प्रोफेसर (कृषक कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी राजगढ़) सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।इन सभी विद्वानों ने अपने अनुभवों और विचारों से न केवल छात्रों का मार्गदर्शन किया, बल्कि उन्हें यह एहसास भी कराया कि कठिनाइयों के बावजूद अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सफलता जरूर मिलती है।कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को भावनात्मक और जीवंत बना दिया। गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित लोगों की आंखें नम और दिल गर्व से भर उठा।कॉलेज के संरक्षक जगदीश सिंह पटेल द्वारा सभी अतिथियों को चुनरी और मां विंध्यवासिनी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन एचओडी प्रशांत कुमार गुप्ता ने किया, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन और सहजता बनी रही।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य शिखा तिवारी सहित कॉलेज के समस्त प्राध्यापकगण—प्रो० चंद्रेश मौर्य, प्रो० राहुल सिंह, प्रो० राघवेंद्र सिंह, प्रो० आतिश पाण्डेय, प्रो० रोहित सिंह, प्रो० आशीष मौर्य, प्रो० कृष्णा अग्रहरि, प्रो० अवनीका मिश्रा और प्रो० अनुपम सिंह—की सक्रिय सहभागिता रही।