झाड़ू से जागरूकता तक: NSS शिविर में युवाओं ने दिखाई स्वच्छता और तकनीक की ताकत”
जयहरीखाल संबाददाता कमल उनियाल
जयहरीखाल, 19 मार्च 2026
भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयहरीखाल द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) विशेष शिविर के द्वितीय दिवस पर स्वयंसेवकों ने सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि तकनीकी ज्ञान अर्जन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए।
शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत प्रातःकालीन स्वच्छता गतिविधियों के साथ हुई। प्रथम पाली में स्वयंसेवकों ने जीआईसी लैंसडाउन, जयहरीखाल तथा अभिनव आवासीय विद्यालय के आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई अभियान संचालित किया। इस दौरान लंबे समय से अवरुद्ध पड़ी जल निकासी नालियों की सफाई की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में एक सराहनीय प्रयास किया गया। स्वयंसेवकों ने नालियों से कचरा निकालकर स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता को रेखांकित किया।
इसके साथ ही जयहरीखाल स्थित पेयजल आपूर्ति टैंक के बाहरी क्षेत्र में फैले प्लास्टिक कचरे को एकत्रित कर उचित स्थान पर निस्तारित किया गया। इस पहल के माध्यम से स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए स्वयंसेवकों के प्रयासों को प्रेरणादायक बताया।
दोपहर भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में महाविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. कमल कुमार ने स्वयंसेवकों को आधुनिक तकनीकी कौशलों की महत्ता से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने पर बल दिया। इस अवसर पर उन्होंने Infosys के Springboard प्लेटफॉर्म तथा NASSCOM के FutureSkills Prime पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न ऑनलाइन स्किल कोर्सेज की जानकारी साझा की, जो युवाओं को रोजगारपरक दक्षता प्रदान करने में सहायक हैं।
सत्र के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) एवं उससे जुड़े विभिन्न डिजिटल टूल्स पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में AI आधारित तकनीकों का ज्ञान युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है, जो भविष्य में रोजगार और नवाचार के नए अवसर प्रदान कर सकता है। स्वयंसेवकों ने इस सत्र में सक्रिय भागीदारी करते हुए तकनीकी विषयों के प्रति अपनी जिज्ञासाएं भी प्रकट कीं।
शिविर का यह दिवस एक ओर जहां स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, वहीं दूसरी ओर युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। महाविद्यालय द्वारा आयोजित यह शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध हो रहा है।