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70 हजार रुपये मांगकर फर्जी फेडरेशन खिलाड़ियों को ठग रहे थे , SAI ने की लीगल कानून करवाई

फर्जी फेडरेशन ने सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए प्लेयर्स को ब्रोशर भेजे. ब्रोशर में भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (IOA), एशियन स्पोर्ट्स एसोसिएशन (ASA), युवा मामले एवं खेल मंत्रालय (MYAS) और खेलो इंडिया के लोगो लगाए गए थे.

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने एक फर्जी संगठन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है. ये संगठन 'यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन' के नाम से काम कर रहा है और खिलाड़ियों से पैसे मांग रहा है.

70 हजार रुपये फीस मांगी

दरअसल, इस फर्जी फेडरेशन ने खिलाड़ियों को 'इंटरनेशनल गेम्स 2026 थाईलैंड' में हिस्सा लेने के लिए एंट्रीज भरवाईं. इसमें ताइक्वांडो और बॉक्सिंग शामिल थे. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार प्लेयर्स से $825 (लगभग 70,000 रुपये) की एंट्री फीस मांगी गई. इस फीस में फ्लाइट का टिकट, रहना और खाना सब शामिल होने का दावा किया गया.



ईमेल के जरिए संपर्क

इस फेडरेशन ने सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए प्लेयर्स को ब्रोशर भेजे. ब्रोशर में भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (IOA), एशियन स्पोर्ट्स एसोसिएशन (ASA), युवा मामले एवं खेल मंत्रालय (MYAS) और खेलो इंडिया के लोगो लगाए गए थे. इसमें नेशनल गेम्स के मेडलिस्टों के लिए स्कॉलरशिप का भी वादा किया गया. ब्रोशर पर 'सलमा' नाम की जनरल सेक्रेटरी के हस्ताक्षर थे.
ब मामले सामने आया जब एक एथलीट ने SAI को इस मामले की जानकारी दी. लेकिन SAI ने फैक्ट चेक कर दिया. SAI ने स्पष्ट किया कि ये संगठन न तो SAI से मान्यता प्राप्त है और न ही MYAS से.
ये भी बताया कि खेल मंत्रालय ने जनवरी में एक आदेश जारी किया था कि कोई भी नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) मंत्रालय या SAI के लोगो का इस्तेमाल नहीं कर सकता. सिर्फ टेक्स्ट में लिखा जा सकता है कि वो अफिलिएटेड हैं.

SAI करेगा कार्रवाई

SAI ने इसकी सच्चाई को लेकर X पर पोस्ट किया. PIB Fact Check ने भी पोस्ट किया कि ये फर्जी है और खिलाड़ियों से पैसे मांगना गलत है. SAI ने कहा कि वो किसी भी प्राइवेट संगठन को इंटरनेशनल इवेंट के लिए फीस लेने की इजाजत नहीं देते.
सूत्रों के मुताबिक, इस फर्जी संगठन ने पहले भी ऐसे झूठे नेशनल इवेंट आयोजित किए हैं. एक खिलाड़ी ने SAI को लेटर लिखकर पूछा कि क्या ये ऑफिशियल बॉडी है? SAI ने कहा कि ये असंवैधानिक है कि कोई बिना मान्यता के स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन चला रहा हो. इसलिए अब वो कानूनी कार्रवाई करेंगे. IOA और MYAS की वेबसाइट पर भी ऐसा कोई संगठन लिस्टेड नहीं है.

खेलो इंडिया एक सरकारी योजना है, जिसके तहत युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, सुविधाएं और सपोर्ट मिलता है. लेकिन कुछ लोग इसके नाम का गलत फायदा उठा रहे हैं. SAI का ये कदम खिलाड़ियों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है.

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