ऑल पार्टी आदिवासी एकता मंच ने 48 घंटे का बामनघाटी (रायरंगपुर) बंद रखा। पहिए बंद, लाइफलाइन पर असर।
मयूरभंज रायरंगपुर इलाके में जेल से 34 बेगुनाह आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर आज से 48 घंटे के लिए रायरंगपुर उपजिला बंद कर दिया गया है। बीजेडी, कांग्रेस, जेएमएम समेत कई आदिवासी संगठन हाईवे पर उतर आए हैं। इस बंद का नेतृत्व सर्वदलीय आदिवासी एकता मंच ने किया है। रायरंगपुर से गुजरने वाले रांची-विजयवाड़ा नेशनल हाईवे नंबर 220 और नेशनल हाईवे नंबर 49 को जाम कर दिया गया है, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया है। वहीं, स्टेट हाईवे को बंद कर दिया गया है, जिससे रायरंगपुर से बारीपदा तक ट्रैफिक जाम हो गया है। ट्रक, बस, चार पहिया और तीन पहिया वाहन पूरी तरह बंद हैं। बस बंद होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रायरंगपुर उपजिला की सभी दुकानें, बाजार, सरकारी और प्राइवेट ऑफिस, स्कूल-कॉलेज पूरी तरह बंद हैं। आदिवासी संगठन जगह-जगह धरना और नाकाबंदी कर रहे हैं। यहां यह बताना ज़रूरी है कि 13 तारीख़ को बहलदा में एक नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ एक युवक के गलत काम के मामले में नेशनल हाईवे जाम करने के दौरान पुलिस और गांववालों के बीच कहासुनी हो गई थी। इस वजह से पुलिस ने वहां मौजूद लोगों पर लाठीचार्ज किया और पुलिस पर हमला भी किया। इसके साथ ही गांववालों ने बहलदा तहसीलदार की गाड़ी में तोड़फोड़ की और उसे पलट दिया। इस घटना में 34 आदिवासियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। इस बीच, हज़ारों आदिवासियों ने सभी 34 लोगों को बरी करने की मांग को लेकर दो दिनों तक रायरंगपुर सब-डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ। आखिर में, ऑल पार्टी आदिवासी एकता मंच हाईवे पर उतर आया और रायरंगपुर को जाम कर दिया।