मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की रणनीति :-
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की रणनीति का विस्तृत खाका प्रस्तुत करते हुए बताया कि पार्टी की केंद्रीय संसदीय बोर्ड ने कुल 89 में से 88 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
केवल सिस्सीबोरगांव सीट पर उम्मीदवार की घोषणा शेष है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक संतुलन और व्यापक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी गई है। सूची में युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) तथा नाथ समुदाय को पर्याप्त स्थान दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी समावेशी राजनीति और विविध सामाजिक वर्गों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ता इस उम्मीदवार सूची से संतुष्ट हैं और जमीनी स्तर पर सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। सरमा ने विश्वास जताया कि इस बार भी बीजेपी मजबूत प्रदर्शन करेगी और जनता का भरोसा जीतने में सफल रहेगी। गठबंधन के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने बताया कि बीजेपी ने सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) को 26 सीटें आवंटित की हैं। उन्होंने हाल ही में AGP नेतृत्व के साथ बैठक भी की है और संकेत दिया कि AGP अपनी उम्मीदवार सूची जल्द जारी करेगा। इसी प्रकार, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा शीघ्र करेगा, जिससे एनडीए गठबंधन की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। सरमा ने यह भी पुष्टि की कि राभा हसोंग स्वायत्त परिषद (RHAC) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (CEM) टंकेश्वर राभा भी इस चुनाव में भाग लेंगे, जो क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि वे स्वयं अगले दिन अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे, और उनके साथ-साथ कई अन्य बीजेपी उम्मीदवार भी उसी दिन नामांकन करेंगे। यह संकेत देता है कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ा रही है और संगठनात्मक स्तर पर पूरी तरह तैयार है। समग्र रूप से, मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि बीजेपी ने न केवल उम्मीदवार चयन में संतुलन साधने की कोशिश की है, बल्कि गठबंधन सहयोगियों के साथ तालमेल बनाते हुए एक मजबूत और व्यापक चुनावी रणनीति तैयार की है, जो आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।