logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

डिब्रूगढ़ में राइजोर दल के प्रमुख नेता अखिल गोगोई और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष गौरव गोगोई के बीच हुई बहुप्रतीक्षित गठबंधन वार्ता :-

डिब्रूगढ़ में राइजोर दल के प्रमुख नेता अखिल गोगोई और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष गौरव गोगोई के बीच हुई बहुप्रतीक्षित गठबंधन वार्ता बिना किसी ठोस निष्कर्ष के समाप्त हो गई।

यह बैठक शहर के होटल टी काउंटी में आयोजित की गई, जो लगभग छह घंटे तक चली, लेकिन सीट बंटवारे जैसे अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने गठबंधन के तहत राइजोर दल को 13 सीटों का प्रस्ताव दिया, जबकि अखिल गोगोई की पार्टी ने प्रारंभिक दौर में 15 सीटों की मांग रखी थी। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय अभी तक नहीं हो पाया है, क्योंकि इसे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की मंजूरी मिलना बाकी है। इससे स्पष्ट है कि अंतिम फैसला अब दिल्ली स्तर पर निर्भर करेगा। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अखिल गोगोई ने बताया कि गौरव गोगोई जल्द ही पार्टी हाईकमान से चर्चा कर अंतिम स्थिति स्पष्ट करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ महत्वपूर्ण सीटों—जैसे गौरीपुर को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद अभी भी बने हुए हैं। कांग्रेस द्वारा सुझाए गए “फ्रेंडली कॉन्टेस्ट” के विकल्प पर भी कोई सहमति नहीं बन पाई।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गतिरोध केवल सीट बंटवारे का मुद्दा नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय दल और राष्ट्रीय पार्टी के बीच शक्ति संतुलन का प्रश्न भी है। राइजोर दल अपने जनाधार के आधार पर अधिक हिस्सेदारी चाहता है, जबकि कांग्रेस राज्य में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए सीमित समझौते की नीति अपना रही है। इस बैठक के बेनतीजा रहने से असम की विपक्षी राजनीति में अनिश्चितता और बढ़ गई है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधन को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है, और यह भी संभव है कि दोनों दल अलग-अलग चुनावी रणनीति अपनाएं। फिलहाल, सभी की नजरें AICC के अंतिम निर्णय और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

0
46 views

Comment