रायबरेली में SI भर्ती परीक्षा के प्रश्न पर सियासत गरम, “पंडित” शब्द को लेकर उठे सवाल
रायबरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस SI भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में “पंडित” शब्द के कथित नकारात्मक प्रयोग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। सरेनी विधानसभा के निवर्तमान भाजपा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है।
पूर्व विधायक ने कहा कि “पंडित” शब्द भारतीय परंपरा में विद्वता, ज्ञान और सम्मान का प्रतीक रहा है। ऐसे शब्द को नकारात्मक या अवसरवादी संदर्भ में प्रस्तुत करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह एक वर्ग विशेष का अपमान भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के प्रश्न समाज में अनावश्यक विवाद और वैमनस्य को जन्म देते हैं।
उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए योगी आदित्यनाथ से मांग की कि प्रश्नपत्र तैयार करने में शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी परीक्षाओं में प्रयुक्त भाषा बेहद संतुलित, संवेदनशील और मर्यादित होनी चाहिए, क्योंकि ऐसे प्रश्नपत्र लाखों अभ्यर्थियों के सामने आते हैं और उनका व्यापक सामाजिक प्रभाव पड़ता है।
धीरेंद्र बहादुर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो समाज के लोग इसे लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
फिलहाल प्रशासन या परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विवाद बढ़ने की संभावना को देखते हुए सभी की नजरें सरकार के रुख पर टिकी हैं।