नगर निगम फगवाड़ा में जनहित की अनदेखी: धूल फांक रहे कूड़ा उठाने वाले नए ई-रिक्शा, सरकारी संपत्ति की बर्बादी पर उठे सवाल
नगर निगम फगवाड़ा के परिसर में खड़े लगभग 6-7 नए ई-रिक्शा प्रशासन की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक धन के सदुपयोग पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा रहे हैं। शहर को स्वच्छ बनाने और कूड़ा प्रबंधन को प्रभावी करने के उद्देश्य से खरीदे गए ये वाहन आज खुद कबाड़ में तब्दील होने की कगार पर हैं। मौके पर देखा गया कि इन वाहनों की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है, इनमें बैटरियां मौजूद नहीं हैं और किसी भी रिक्शे पर अनिवार्य नंबर प्लेट तक नहीं लगी है। नियमानुसार, सरकारी खजाने से खरीदी गई संपत्ति का उपयोग जनता की सुविधा के लिए होना चाहिए, लेकिन इन नए रिक्शों का सड़क पर न उतरना न केवल "ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016" की अवहेलना है, बल्कि शहरवासियों द्वारा दिए गए टैक्स की भी खुली बर्बादी है। एक तरफ शहर के कई इलाकों में कूड़ा उठाने के संसाधनों की कमी की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर तैयार खड़े इन वाहनों का संचालन न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। जनहित में यह आवश्यक है कि उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लें और इन वाहनों को तुरंत कार्यशील बनाकर शहर की सफाई व्यवस्था में शामिल करें, ताकि सरकारी संपत्ति को और अधिक नुकसान होने से बचाया जा सके।
"उम्मीद है कि प्रशासन जनहित में इन वाहनों को जल्द शुरू करेगा।"