जनपद वाराणसी में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन, सभागार में बुधवार को किसान दिवस एवं एफपीओ की डीएमसी बैठक हुई
जनपद वाराणसी में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन, सभागार में बुधवार को किसान दिवस एवं कृषक उत्पादक संगठन के जिला स्तरीय मानीटीरिंग समिति/जनपद स्तरीय परियोजना प्रबन्धक इकाई की बैठक हुई। जिसमें कृषि विभाग के साथ-साथ, पशुपालन विभाग, दुग्धशाला विभाग, नलकूप खण्ड चन्दौली, लधुडाल नहर खण्ड, लधु सिंचाई, लधु सिंचाई जौनपुर, मत्स्य, सहकारिता, रेशम, वन विभाग, सहायक निदेशक,मृदा परीक्षण/कल्चर, विद्युत विभाग, बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि, एफ0पी0ओ0 एवं जनपद के समस्त विकास खण्डों से कृषकों द्वारा सहभागिता किया गया। मंच का संचालन जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने किया।
जिला कृषि अधिकारी द्वारा कृषकों से सिंचाई विभाग से सम्बन्धित समस्या के बारे में पूछा गया। कृषक जितेन्द्र नारायन सिंह ग्राम बसन्तपुर विकास खण्ड आराजीलाइन द्वारा नलकूप की नाली क्षतिग्रस्त से अवगत कराया गया एवं कृषक विजय भान सिंह ग्राम कनेरी विकास खण्ड आराजीलाइन द्वारा भी नलकूप संख्या-191 एस0वी0जी के नाली खराब होने के कारण सिंचाई करने में काफी परेशानी का सामना करना पडता से अवगत कराया गया, जिससे सम्बन्धित विभाग के उपस्थित अधिकारी को तत्काल ठीक कराने हेतु अवगत कराया गया। इसके पश्चात कृषकों द्वारा फसल बीमा के सम्बन्ध में जानकारी चाही गयी। कुछ कृषकेां द्वारा बीमा की धनराशि का भुगतान सम्बन्धित बैंक द्वारा अभी तक नही कराया जाने से अवगत कराया गया। उक्त सम्बन्ध में बीमा के उपस्थित प्रतिनिधि से पुछा गया तो बताया गया कि बैंक की समस्या होने के कारण कुछ कृषको का बीमा की धनराशि का भुगतान नही कराया जा सका है जिससे अतिशीध्र भुगतान कराया जा रहा है।
विद्युत विभाग की समस्या से कृषक को अवगत कराने हेतु अनुरोध किया गया। कृषक शिव कुमार, विकास खण्ड-पिंडरा द्वारा कृषि कार्य हेतु बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराये जाने हेतु अनुरोध किया गया। जिस पर सम्बन्धित अधिकारी द्वारा कृषक का आवेदन पत्र प्राप्त किया गया । जिला कृषि अधिकारी द्वारा सभा में उपस्थिति सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि आगामी माह में आने वाले विभिन्न योजनाओं के बारे में कृषकों को जानकारी देते हुए अधिक से अधिक कृषकों को लाभान्वित किया जाये। पशुपालन विभाग द्वारा बताया गया कि अण्डा उत्पादन करने वाले कृषकों को सरकार द्वारा प्रोत्साहन धनराशि उपलब्ध कराया जा रहा है, जिस पर अधिकतम 60 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध है।
राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत बीमारी से बचाव हेतु समय समय पर पशुओं का टीकाकरण कार्यक्रम विभाग द्वारा चलाया जाता है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पशुचिकित्सालय (पशुचिकित्सा अधिकारी), पशु सेवा केन्द्र (पशु प्रसार अधिकारी) एवं जनपद स्तर पर मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग वाराणसी से सम्पर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय पशुधान मिशन योजनान्तर्गत बकरी पालन 100-500 (20 लाख से 01 करोड), भेड पालन 100-500 (20 लाख से 01 करोड), सूकर पालन 50-100 (30 लाख से 60 लाख), हैचरी/चूजा उत्पादन 1000 मुर्गी-100 मुर्गा (50 लाख)/साईलेज मेकिंग यूनिट (01 करोड एवं 50 लाख) पर भारत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान किया जाता है।
जिला कृषि अधिकारी द्वारा कृषकों से अनुरोध किया गया कि अपने ग्राम एवं आस पास के अवशेष रह गये ग्रामों में किसानों का फार्मर रजिस्ट्री कराया जाय, जिससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले कृषकों मिल सके। इसके साथ ही माह अपै्रल से फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से सभी विभागो की सभी योजनाएं लिंक हो जायेगी तथा इसके अनुसार ही कृषकों को अनुमन्य सुविधा प्रदान की जायेगी । फार्मर रजिस्ट्री कराये जाने वाले कृषकों को उर्वरक पर सब्सिडी की धनराशि का भुगतान उनके खाते के माध्यम से किया जाना है, जिस पर पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है।