जयहरीखाल में NSS का सात दिवसीय विशेष शिविर शुरू, युवा समाज सेवा के लिए हुए प्रेरित
जयहरीखाल संबाददाता कमल उनियाल
जयहरीखाल, 18 मार्च 2026।
भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयहरीखाल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का सात दिवसीय विशेष शिविर बुधवार से विधिवत रूप से प्रारम्भ हो गया। 24 मार्च तक चलने वाले इस शिविर का आयोजन जीआईसी लैंसडाउन, जयहरीखाल परिसर में किया जा रहा है, जिसमें छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
शिविर के उद्घाटन सत्र का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत स्वयंसेवियों ने NSS का ध्येय गीत ‘उठे समाज के लिए उठे उठें, जगें स्वराष्ट्र के लिए जगे जगें’ प्रस्तुत कर वातावरण को प्रेरणादायक बना दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. एल. आर. राजवंशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य जयहरीखाल श्रीमती शशि बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य सकमुंडा श्रीमती मीना रौतेला, ग्राम पंचायत जयहरी की प्रधान श्रीमती प्रगति असवाल, जीआईसी लैंसडाउन के शिक्षक श्री दिनेश पाठक तथा अभिनव आवासीय विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य श्री विकास चन्द्र सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अर्चना नौटियाल ने स्वयंसेवकों को NSS के मूल ध्येय वाक्य ‘मैं नहीं, आप’ से परिचित कराया और शिविर के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह शिविर छात्रों को समाज सेवा से जोड़ने और उनके भीतर जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
डॉ. कमल कुमार ने अपने संबोधन में NSS को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर छात्रों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं।
जीआईसी लैंसडाउन के प्रतिनिधि श्री दिनेश पाठक ने कहा कि विद्यालय को इस शिविर के लिए चुना जाना गर्व की बात है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यालय प्रशासन शिविर के सफल संचालन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
अभिनव आवासीय विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य श्री विकास चन्द्र ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए NSS की भूमिका को जीवन निर्माण में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि NSS छात्रों के सर्वांगीण विकास में अहम योगदान देता है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती शशि बिष्ट ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि NSS के माध्यम से छात्र समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। वहीं श्रीमती मीना रौतेला ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने में ऐसे शिविरों की उपयोगिता पर बल दिया।
ग्राम प्रधान श्रीमती प्रगति असवाल ने युवाओं को गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छता और जागरूकता अभियान में सभी का सहयोग जरूरी है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्या प्रो. एल. आर. राजवंशी ने कहा कि NSS केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक विचारधारा है जो छात्रों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से पूरे समर्पण के साथ शिविर की गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। इस दौरान डॉ. प्रीती रावत भी उपस्थित रहीं।
उद्घाटन सत्र के पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा शिविर स्थल पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया गया।
शिविर के आगामी दिनों में स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियां तथा विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह शिविर न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होगा, बल्कि समाज सेवा के प्रति उनकी भावना को भी सुदृढ़ करेगा।
कार्यक्रम का संचालन सह कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय रावत द्वारा किया गया।