💥 जौनपुर सपा में 'लेटरहेड वॉर' के बाद 'शक्ति प्रदर्शन' की तैयारी: विधायक तूफानी सरोज का बड़ा पलटवार!
जौनपुर (ब्यूरो): समाजवादी पार्टी के अंदरूनी गलियारों में मचा घमासान अब आर-पार की जंग में तब्दील हो गया है। जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य द्वारा जारी किए गए विवादित 'लेटरहेड बम' (16 मार्च 2026) का जवाब देते हुए केराकत विधायक तूफानी सरोज ने अपनी सियासी 'दहाड़' से जिले की राजनीति गरमा दी है।
📍 "हर सेक्टर में मनेगी अंबेडकर जयंती" – तूफानी दांव
विधायक तूफानी सरोज ने मीडिया के सामने स्पष्ट कर दिया है कि वे बैकफुट पर जाने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने ऐलान किया कि केराकत विधानसभा के प्रत्येक सेक्टर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को भव्य तरीके से मनाया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक जयंती कार्यक्रम नहीं, बल्कि जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य के आरोपों के खिलाफ एक 'ओपन चैलेंज' है।
🔍 विवाद की जड़: पत्र बनाम लोकप्रियता
पिछले दिनों एक गोपनीय पत्र वायरल हुआ था, जिसमें जिलाध्यक्ष ने तूफानी सरोज और नीरज यादव पहलवान पर 'अनुशासनहीनता' का आरोप लगाया था।
कांशीराम जयंती: विवाद की शुरुआत कांशीराम जयंती पर अलग-अलग कार्यक्रमों से हुई।
बढ़ता प्रभाव: तूफानी सरोज की बढ़ती सक्रियता और जनसमर्थन को दबाने की कोशिश के रूप में इस पत्र को देखा जा रहा था।
काउंटर अटैक: अब अंबेडकर जयंती के बहाने विधायक सीधे जनता और कार्यकर्ताओं के बीच उतरकर अपनी ताकत का अहसास करा रहे हैं।
🔥 क्या जिलाध्यक्ष पड़ गए हैं अकेले?
राकेश मौर्य के खेमे में फिलहाल सन्नाटा है। सूत्रों की मानें तो तूफानी सरोज के इस आक्रामक रुख ने जिलाध्यक्ष को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है। कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि अगर यह 'शक्ति प्रदर्शन' सफल रहा, तो जिले में नेतृत्व परिवर्तन की मांग भी उठ सकती है।
"यह तूफानी सरोज का आत्मविश्वास है जो बता रहा है कि वह केवल विधायक नहीं, बल्कि जौनपुर सपा के कद्दावर चेहरा हैं। अब गेंद अखिलेश यादव के पाले में है।" – स्थानीय कार्यकर्ता