अजमेर: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन दुर्लभ हस्तलिखित 'दुर्गा सप्तशती' के दर्शन, 114 ताड़पत्रों पर उकेरी गई है मां की महिमा
अजमेर | एआईएमए मीडिया चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर आज अजमेर में आस्था और प्राचीन धरोहर का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। कोटड़ा निवासी हिम्मत सिंह शेखावत के पास मां दुर्गा की एक ऐसी दुर्लभ हस्तलिखित दुर्गा सप्तशती मौजूद है, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
संत की भेंट और अनोखी बनावट
शेखावत ने बताया कि उन्हें यह दुर्लभ ग्रंथ एक संत द्वारा भेंट किया गया था। इस सप्तशती की विशेषताएं किसी को भी अचंभित कर सकती हैं:
हस्तलिपि: यह पूरी तरह से 114 ताड़पत्रों पर हाथ से लिखी गई है।
आकार: इसकी चौड़ाई मात्र सवा इंच और मोटाई डेढ़ इंच है, जबकि लंबाई साढ़े 9 इंच है।
वजन: इतने प्राचीन और महत्वपूर्ण ग्रंथ का कुल वजन मात्र 100 ग्राम है।
संरक्षण: ताड़पत्रों को विशेष धागों से बांधकर सुरक्षित रखा गया है।
हिम्मत सिंह शेखावत, जिन्हें पुरानी और दुर्लभ वस्तुओं के संग्रह का शौक है, हर नवरात्रि में विधि-विधान के साथ इस दुर्लभ सप्तशती का पूजन करते हैं।
प्रमुख मंदिरों में पूजा का विधान
अजमेर के विभिन्न शक्तिपीठों पर आज अलसुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा:
चामुंडा माता मंदिर: सुबह 7 बजे घट स्थापना और विशेष आरती।
नौसर माता मंदिर: सुबह 11 बजे ध्वजारोहण के साथ घट स्थापना।
दुर्गा महाकाली मंदिर: सुबह 5:30 बजे मंगल स्नान और 7:30 बजे घट स्थापना संपन्न हुई।
ब्यूरो रिपोर्ट: एआईएमए मीडिया, अजमेर