प्रधानाचार्य बोलीं—‘जब मैनेजमेंट ही नहीं, तो बर्खास्तगी कैसी’: स्कूल विवाद में दोनों पक्ष कलेक्ट्रेट पहुंचे
शाहजहांपुर।
सुदामा प्रसाद विद्यास्थली स्कूल का विवाद अब और गहराता जा रहा है। प्रधानाचार्य उज्ज्वल मिश्रा और खुद को प्रबंधक बताने वाले संजय गुप्ता के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बुधवार को दोनों पक्ष अपनी-अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा।
प्रधानाचार्य उज्ज्वल मिश्रा ने अपनी बर्खास्तगी को पूरी तरह अवैध बताते हुए कहा कि विद्यालय की प्रबंध समिति का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि उप जिलाधिकारी सदर द्वारा संजय गुप्ता को प्रबंधक मानने का आदेश न्यायालय ने 8 अप्रैल 2025 को स्थगित कर दिया था। ऐसे में संजय गुप्ता को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि 16 मार्च 2026 को जारी उनकी सेवा समाप्ति का आदेश विधि विरुद्ध है। उनका कहना है कि संजय गुप्ता अपने साथियों के साथ विद्यालय का माहौल खराब कर रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असलहाधारी लोगों और स्थानीय पुलिस के सहयोग से स्कूल के मुख्य द्वार पर कब्जा किया गया है।
प्रधानाचार्य ने वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि संजय गुप्ता ने ईपीएफ और ईपीएस जमा करने के नाम पर करीब 25 लाख रुपये विद्यालय के लेखाकार से लिए, लेकिन उसे कर्मचारियों के खाते में जमा नहीं कराया गया।
वहीं, संजय गुप्ता ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद को वैध प्रबंधक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य द्वारा गबन किए जाने के कारण ही उन्हें बर्खास्त किया गया है। बंधक बनाने के आरोपों को भी उन्होंने निराधार बताया।
गौरतलब है कि इससे पहले शिक्षकों ने प्रबंध समिति पर बंधक बनाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप से उन्हें बाहर निकाला गया था। अब दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से विवाद और तूल पकड़ता जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।