गैस महंगाई के खिलाफ कोटा में उबाल: हजारों कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरे प्रहलाद गुंजल
कोटा। शहर में बढ़ती गैस कीमतों और कथित कालाबाजारी के विरोध में कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। नयापुरा स्थित कार्यालय से शुरू हुई यह आक्रोश रैली कलैक्ट्रेट पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई, जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
सभा को संबोधित करते हुए गुंजल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि देश में गैस का कोई संकट नहीं है, तो फिर एडवाइजरी जारी कर व्यावसायिक सिलेंडरों की बुकिंग क्यों रोकी गई और घरेलू सिलेंडर 25 दिन से पहले नहीं देने के निर्देश क्यों दिए गए।
“महंगी पड़ेगी विदेशी गैस डील”
गुंजल ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ की गई गैस और पेट्रोल खरीद की डील भारत को बीमा और ट्रांसपोर्टेशन के चलते 8 से 10 गुना महंगी पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि पहले ही सिलेंडर पर ₹60 की बढ़ोतरी हो चुकी है और आने वाले समय में और वृद्धि की संभावना है।
एपिस्टीन फाइल को लेकर भी साधा निशाना
गुंजल ने कथित “एपिस्टीन फाइल” का जिक्र करते हुए कहा कि जब अन्य देशों में नेताओं के नाम आने पर सवाल खड़े हुए और इस्तीफे हुए, तो भारत में इस मुद्दे पर सरकार चुप क्यों है। उन्होंने कहा कि देश को जवाब मिलना चाहिए।
कोटा की हालत पर भी जताई चिंता
कोटा में कोचिंग छात्रों की कमी और व्यापारिक मंदी पर बोलते हुए गुंजल ने स्थानीय नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योग लगाने के नाम पर “पार्टनरी” मांगने के कारण बड़े प्रोजेक्ट्स दूसरे राज्यों में चले गए। साथ ही, व्यावसायिक गैस की कमी से होटल, हॉस्टल और मेस बंद होने की स्थिति पर चिंता जताई।
हजारों कार्यकर्ताओं की भागीदारी
सुबह 10 बजे से ही कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया था और 11 बजे रैली रवाना हुई। हाथों में गैस सिलेंडर के पोस्टर, झंडे-बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सभा में कई कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
कुल मिलाकर, गैस महंगाई और आपूर्ति को लेकर कोटा में सियासी तापमान बढ़ता नजर आ रहा है, जहां विपक्ष सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा।