logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

एक करोड़ के खेल मैदान में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त, एसडीएम ने ठेकेदार को दी अंतिम चेतावनी

सिंंग्रामपुर///
अखवारों में प्रकाशित खबरों का “एक करोड़ के खेल मैदान में तलैया खबर का असर अब प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में सामने आया है। खबर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और सिंग्रामपुर में आरईएस विभाग द्वारा करीब एक करोड़ की लागत से निर्माणाधीन रानी दुर्गावती खेल मैदान का निरीक्षण किया गया। इस दौरान एसडीएम तेंदूखेड़ा छोटी गिरी गोस्वामी स्वयं मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मैदान में मानकों के विपरीत पीली मिट्टी और पत्थर डाले गए थे, वहीं कई हिस्सों में कार्य अधूरा और लापरवाहीपूर्ण पाया गया। हालात को देखते हुए एसडीएम ने मौके से ही ठेकेदार को फोन लगाकर कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, अन्यथा भुगतान रोककर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की गई और संबंधित अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीओ शिवाजी सिंह को विशेष रूप से निगरानी बढ़ाने और कार्य को मानक अनुसार कराने की हिदायत दी गई।
ग्रामीणों द्वारा पहले ही आरोप लगाए गए थे कि मैदान में तलैया की अमानक मिट्टी डाली गई है और जांच से पहले ही रातों-रात मिट्टी फैलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। इस पूरे मामले को लेकर गांव में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
निरीक्षण के दौरान कमजोर गेट निर्माण, मैदान में फैले पत्थर और अधूरे कार्य ने भविष्य में संभावित हादसों की आशंका भी बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने हायर सेकेंडरी स्कूल के टूटे टैंक की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
एसडीएम छोटे गिरी गोस्वामी ने बताया कि अखबारों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से मामला संज्ञान में आया था। मौके पर निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं पाई गई हैं और निर्माण एजेंसी को गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो भुगतान रोकने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा।
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जब तक निर्माण एजेंसी तय मानकों के अनुसार कार्य पूर्ण नहीं करती, तब तक ग्राम पंचायत खेल मैदान को हैंडओवर नहीं लेगी।
गौरतलब है कि जबेरा क्षेत्र के अन्य निर्माण कार्यों में भी पूर्व में इसी ठेकेदार पर गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ चुके हैं, जहां बाउंड्री वॉल में दरारें और शौचालय की दीवारें झुकने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि सुधार कार्य कराने के बजाय रंग-रोगन कर खामियों को छिपाने की कोशिश की गई।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम छोटे गिरी गोस्वामी, एसडीओ शिवाजी सिंह, सरपंच प्रतिनिधि अजय सोनकर, सचिव राकेश सिंह सहित गोलू साहू, अजय राय और अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन की सख्ती के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि खेल मैदान का निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा

0
78 views

Comment