कांग्रेस में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच गौरव गोगोई का बड़ा बयान :-
असम कांग्रेस के भीतर बढ़ती आंतरिक खींचतान और सियासी अस्थिरता के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दिल्ली स्थित अपने आवास से निकलते समय मीडिया से बातचीत के दौरान एक अहम प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने मीडिया के बढ़ते दबाव और लगातार सवालों से घिरे माहौल पर नाराजगी भी जाहिर की। गौरव गोगोई ने संक्षिप्त लेकिन तीखा बयान देते हुए कहा, “मीडिया मुझे दरवाजा बंद करने की भी अनुमति नहीं दे रहा है। मेरे बयान डिब्रूगढ़ से ले लीजिए।” उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव और असहज परिस्थितियों को दर्शाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम कांग्रेस लगातार बड़े नेताओं के इस्तीफों और आंतरिक असंतोष से जूझ रही है। हाल ही में वरिष्ठ नेता और नगांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे ने पार्टी की स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इसके अलावा कई जिला स्तर के नेताओं के भी पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आई हैं, जिससे संगठनात्मक ढांचा प्रभावित हो रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद, टिकट वितरण को लेकर असहमति और चुनावी रणनीति पर स्पष्टता की कमी, इस संकट को और गहरा कर रही है। आगामी असम विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह स्थिति कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। गौरव गोगोई का यह बयान न केवल मीडिया के प्रति उनकी तत्काल प्रतिक्रिया को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि पार्टी के भीतर स्थिति सामान्य नहीं है। अब सभी की निगाहें कांग्रेस नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह इस संकट से कैसे निपटता है और संगठन को फिर से मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।