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सादुलपुर क्षेत्र में असमय आंधी बारिश से तबाही,कटी फसल उड़ी, किसानों की बढ़ी चिंता,मुहावजे कि मांग

सादुलपुर क्षेत्र में असमय आंधी-बारिश से तबाही, कटी फसल उड़ी; किसानों की बढ़ी चिंता, मुआवजे की मांग
सादुलपुर।(विनोद खन्ना) तहसील क्षेत्र के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में बुधवार देर शाम एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। लगभग साढ़े तीन बजे के बाद तेज मेघगर्जना, बिजली कड़कने और धूलभरी आंधी के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ, जो करीब 35 मिनट तक जारी रहा।
करीब 4:00 बजे से 4:45 बजे के बीच चली तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। इस दौरान धूलभरी आंधी इतनी तेज थी कि खेतों में कटाई कर खुले में रखी गई सरसों और चने की फसल उड़कर बिखर गई, वहीं गेहूं की फसल भी आड़ी-तिरछी होकर जमीन पर गिर गई। इससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
गांव भाकरां के किसान नेतराम मेहरा, चन्द्रभान मितड़, खैरूबड़ी के सुशील कुमार पुनिया, खैरु छोटी के सुनिल पुनिया राधा बड़ी के ईश्वर सिंह नेहरा तथा राधा छोटी के राजेश पुनिया सहित अन्य किसानों ने बताया कि इस बार सरसों और चने की फसल काफी अच्छी हुई थी। कटाई के बाद फसल को लावणी कर खेतों में रखा गया था, लेकिन अचानक आई आंधी और बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन अब फसल खराब होने से कर्ज चुकाना और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इस असमय बारिश ने किसानों को आर्थिक संकट में डाल दिया है और उनकी चिंता बढ़ा दी है।
इस दौरान भाकरां, राधा बड़ी, राधा छोटी, थान मठुई, बीरान, बालाण, कामाण, भोजाण, जीराम बास, ढाणी खुडानी, गागड़वास और कादंराण सहित कई गांवों में तेज आंधी और बारिश का व्यापक असर देखने को मिला।
ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाए तथा किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
अचानक बदले मौसम ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं किसानों की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। अब किसान सरकार और प्रशासन से राहत की आस लगाए बैठे हैं।

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