2 नाबालिग अपहरण बच्चों को विदिशा पुलिस ने सकुशल घर वापिसी कराई ।*आपरेशन मुस्कान के तहत*
विदिशा जिलेभर में अपहृत/गुमशुदा बालक-बालिकाओं एवं गुम इंसानों की शीघ्र दस्तयाबी हेतु पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में निरंतर “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री अतुल सिंह के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा विशेष टीम गठित कर प्रभावी कार्रवाई की गई।
दिनांक 27.12.2025 को एक फरियादी द्वारा अपनी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिस पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 976/25 धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। इसी प्रकार दिनांक 17.02.2026 को एक अन्य फरियादी द्वारा अपनी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिस पर अपराध क्रमांक 111/26 धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई।
पुलिस की कार्यवाही:
थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद राज के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा दोनों मामलों में गुमशुदा बालिकाओं के मित्रों एवं दूर-दराज के रिश्तेदारों से पूछताछ कर सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया। लगातार एवं सतत प्रयासों के फलस्वरूप प्रथम प्रकरण में दिनांक 16.03.2026 को तथा द्वितीय प्रकरण में दिनांक 14.03.2026 को दोनों नाबालिग बालिकाओं को विदिशा से सकुशल दस्तयाब किया गया। आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर दोनों बालिकाओं को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
पुलिस टीम की विशेष भूमिका:
इस सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद राज, उप निरीक्षक रणवीर सिंह, प्रधान आरक्षक जितेंद्र खटीक, प्रधान आरक्षक विजय गुप्ता, प्रधान आरक्षक संजय यादव, आरक्षक अजय सिकरवार, आरक्षक भगवान सिंह कुशवाहा, आरक्षक शिशुपाल सिंह दांगी, महिला प्रधान आरक्षक समा खान एवं महिला आरक्षक स्वाति अवस्थी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
“ऑपरेशन मुस्कान” के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत विदिशा पुलिस द्वारा वर्ष 2025–2026 में अब तक 375 से अधिक गुमशुदा/अपहृत बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलवाया जा चुका है।
विदिशा पुलिस की अपील:
विदिशा पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी गुमशुदगी की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या डायल-112 पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।