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​वर्दी पर लगा 'दाग' साफ़: शाहाबाद DIG का ऐतिहासिक हंटर, दारोगा अमरनाथ सेवा से बर्खास्त!

विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार
गया/सासाराम: शाहाबाद प्रक्षेत्र के DIG डॉ. सत्य प्रकाश ने पुलिस महकमे में व्याप्त गंदगी को साफ करते हुए एक कड़ा संदेश दिया है। अनुशासनहीनता और महिला के साथ विश्वासघात के आरोपी पुलिस अवर निरीक्षक अमरनाथ कुमार को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त (Dismiss) कर दिया गया है।

​"कानून का रक्षक जब भक्षक बनता है, तो वर्दी की गरिमा तार-तार होती है। यह कार्रवाई बिहार पुलिस के उन सभी कर्मियों के लिए चेतावनी है जो पद का दुरुपयोग करते हैं।" ---

​ जब रक्षक ही भक्षक बन जाए!

​पुलिस की वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि आम जनता के विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। लेकिन जब एक सब-इंस्पेक्टर स्तर का अधिकारी किसी महिला को शादी का झांसा देकर उसका शोषण करता है, तो वह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की साख पर हमला करता है।

​वर्ष 2022 में रोहतास के दिनारा थाने में जो घटित हुआ, उसकी जांच और फिर बर्खास्तगी का यह आदेश आने में भले ही समय लगा हो, लेकिन 'देर आए दुरुस्त आए'। शाहाबाद DIG डॉ. सत्य प्रकाश और रोहतास एसपी की यह अनुशंसा स्वागत योग्य है।
​मुख्य बिंदु जो सोचने पर मजबूर करते हैं:

​नज़ीर पेश करना जरूरी: बर्खास्तगी (Dismissal) विभाग का सबसे कठोर दंड है। यह भविष्य में किसी भी सरकारी पद के दरवाजे बंद कर देता है।

​महिला सुरक्षा का सवाल: अगर रक्षक ही शोषण करेंगे, तो पीड़ित महिलाएं न्याय के लिए किसके पास जाएंगी?

​सिस्टम की पारदर्शिता: विभागीय जांच के आधार पर लिया गया यह फैसला साबित करता है कि महकमा अपने अंदर की बुराइयों को खत्म करने के लिए तत्पर है।

​यह केवल एक बर्खास्तगी नहीं है, बल्कि पीड़ित महिला के उस संघर्ष की जीत है जिसने एक शक्तिशाली वर्दीधारी के खिलाफ आवाज उठाई।

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