तीन दिवसीय ‘लोक कला उत्सव’ का भव्य आगाज, देशभर की सांस्कृतिक विविधता एक मंच पर
भरतनाट्यम की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने बांधा समां, पौराणिक व आध्यात्मिक कथाओं का सजीव मंचन