तीन दिवसीय ‘लोक कला उत्सव’ का भव्य आगाज, देशभर की सांस्कृतिक विविधता एक मंच पर
खानपुर कलां -18 मार्च। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में देर शाम से तीन दिवसीय “लोक कला उत्सव” का शुभारंभ अत्यंत भव्य और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ,उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के सहयोग से छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग एवं धर्म पुत्र कला मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और विभिन्न राज्यों की लोक परंपराओं से परिचित कराना है।कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन छात्राओं के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को समझने और उसे संजोने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और ऐसे आयोजनों से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सुदृढ़ किया जा सकता है।उत्सव के उद्घाटन अवसर पर दिल्ली से आई नृत्य भूमि डांस फाउंडेशन समूह की कलाकारों ने भगवान शिव पर आधारित भरतनाट्यम की मनोहारी प्रस्तुति दी। नृत्य के माध्यम से पौराणिक और आध्यात्मिक कथाओं को जिस सजीवता और भाव-भंगिमाओं के साथ प्रस्तुत किया गया, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की अभिव्यक्ति, ताल-लय और मंच संयोजन ने कार्यक्रम को एक अलग ऊंचाई प्रदान की।उत्सव के अंतर्गत विभिन्न राज्यों से आई टीमों द्वारा लोक नृत्य एवं लोक गायन की रंगारंग प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। पंजाब के लोक गीत, हरियाणा के पारंपरिक नृत्य, असम के बिहू, महाराष्ट्र के लावणी और राजस्थान के चरी नृत्य ने दर्शकों को देश की विविध सांस्कृतिक झलकियों से रूबरू कराया। प्रत्येक प्रस्तुति में कलाकारों ने अपनी क्षेत्रीय परंपराओं और लोक जीवन की झलक को बेहद आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।धर्म पुत्र कलां मंच के अध्यक्ष मनोज जाले ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, लोक प्रस्तुतियां और पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की गहराई को समझने का अवसर मिलेगा। जाले ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में सांस्कृतिक समरसता, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा।इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो श्वेता सिंह , सह छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो जगदीप सिंगला ,डॉ इशानी , डॉ मोनिका एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। फोटो कैप्शन :- 01 दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ करते कुलपति प्रो सुदेश। 02 कार्यक्रम का आनंद लेते कुलपति प्रो सुदेश व छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो सुदेश। 03 कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार।