कांग्रेस में अपमान और घुटन भरे माहौल के कारण इस्तीफा: प्रद्युत बोरदोलोई
असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने का बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि पार्टी के भीतर उन्हें लगातार अपमान और एक “घुटन भरा माहौल” महसूस हो रहा था, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके इस बयान ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति और नेतृत्व शैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रद्युत बोरदोलोई आज नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित होगा, जो इस राजनीतिक घटनाक्रम को और अधिक महत्व देता है। यदि ऐसा होता है, तो यह असम में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। हाल ही में प्रद्युत बोरदोलोई की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है। इस मुलाकात को कई राजनीतिक विश्लेषक एक रणनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं, जो उनके भाजपा में संभावित प्रवेश की पुष्टि कर सकता है। यह मुलाकात असम की राजनीतिक दिशा में बदलाव का संकेत भी मानी जा रही है। प्रद्युत बोरदोलोई का कांग्रेस छोड़ना न केवल पार्टी के लिए संगठनात्मक झटका है, बल्कि इससे असम की राजनीतिक समीकरणों पर भी गहरा असर पड़ सकता है। भाजपा के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक लाभ साबित हो सकता है, जबकि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और एकता को लेकर उठ रहे सवाल और भी गहरे हो सकते हैं। आगामी चुनावों के मद्देनज़र यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।