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किसान सम्मान निधि का लाइव स्ट्रीमिंग।

अन्नदातावों का सम्मान : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि वितरण कार्यक्रम का आयोजन

• प्रधानमंत्री द्वारा ₹ 2000 की 22 वीं किस्त का सीधा लाभ हस्तांतरण
• किसानों को उन्नत सब्जी तकनीकों की जानकारी
• भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा तकनीकी सत्र, प्रदर्शनी एवं कृषक संवाद का आयोजन
• आत्मनिर्भर किसान, समृद्ध भारत की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता
• ओम प्रकाश दुबे,वाराणसी, 13 मार्च 2026 : भारतीय सब्ज़ी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 22वीं किस्त के वितरण के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹ 6,000 की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है । यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है । इस अवसर पर देशभर के 9 करोड़ 32 लाख किसानों के खाते में 18 हजार 640 करोड़ रुपये जमा किया गया | किसानों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रत्यक्ष रूप से ₹ 2,000 की किस्त माता कामख्या की पावन भूमि असम के कल्चरल सेंटर, खानापारा, गुवाहाटी से ट्रांसफर की गई और प्रधानमंत्री ने 19.5 लाख करोड़ से अधिक की असम के लिए परियोजनों का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया | चाय बागन के 28000 से अधिक परिवारों को भूमि पट्टा भी प्रदान किया गया | इस अवसर पर किसनोंमुखी केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों एवं परियोजनों की विस्तृत चर्चा की | कार्यक्रम का सीधा प्रसारण संस्थान परिसर में बड़ी स्क्रीन के माध्यम से किया गया, जिसे बड़ी संख्या में किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि अधिकारियों, FPO प्रतिनिधियों एवं छात्र-छात्राओं ने देखा ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुनील पटेल, विधायक, रोहनिया, वाराणसी ने किसानों से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹ 6,000 की सहायता तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है जो बिना बिचौलिया, बिना परेशानी और सीधा किसानों को लाभ मिल रहा है | इस योजना ने देश के छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त किया है । यह योजना कृषि क्षेत्र में स्थायित्व एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । डॉ. पटेल ने कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास की बात को दोहराते हुए किसानों से कहा की यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्की किसान के स्वाभिमान और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका का उत्सव है | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 22 वीं क़िस्त के तहत महिला किसानों को भी सीधा लाभ मिला जिससे महिला किसान न केवल सशक्त होगी बल्की समृद्ध भी होगी | किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हमारे मेहनतकश किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जो हमारे किसानों की उन्नति, आत्मसम्मान और कृषि क्षेत्र की मजबूती का प्रतीक है । किसान हमारे देश की रीढ़ हैं । आपके परिश्रम से ही राष्ट्र की थाली भरती है और देश का विकास संभव होता है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य यही है कि किसान समृद्ध हों, आधुनिक तकनीक अपनाएँ और कृषि से अधिक आय प्राप्त कर सकें। मुझे गर्व है कि हमारे क्षेत्र के किसान कड़ी मेहनत और नवाचार के बल पर कृषि में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। सरकार आपकी हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और कृषि से संबंधित आधारभूत सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मैं आप सभी किसानों से आग्रह करता हूँ कि सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएँ, वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती करें तथा पानी की बचत करते हुए ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों का उपयोग बढ़ाएँ । प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर भी कदम बढ़ाएँ ताकि मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। अंत में, मैं यही कहना चाहता हूँ कि हमारा किसान खुशहाल होगा तो देश भी प्रगति की नई ऊँचाइयों को छुएगा। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने देश के छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त किया है । यह योजना कृषि क्षेत्र में स्थायित्व एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । निदेशक ने किसानों से कहा की यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्की किसान के स्वाभिमान और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका का उत्सव है | निदेशक डॉ राजेश ने किसानों से अपील की खेती में कम से कम कीटनाशकों का प्रयोग करें और संस्थान द्वारा विकसित उच्च गुणवक्ता सब्जी बीजों का अधिकतम प्रयोग करें | साथ ही उन्होंने दोहराया की सभी किसानों को निश्चित तौर पर विज्ञान, वैज्ञानिकों एवं वैज्ञानिक संस्थानों से जुड़कर कम लागत से अधिक उत्पादन एवं मुनाफा कमाने की विधा जाननी चिहिए | भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान लगातार किसानों को जागरूक, प्रशिक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में हमेशा अग्रसर रहने के लिए कटिबद्ध है | उपयोजना अन्ववेशक प्रधान वैज्ञानिक डॉ नीरज सिंह परियोजना की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया | आज का दिवस पीएम-किसान उत्सव दिवस के रूप में मना रहे यह कृषि वैज्ञानिकों, किसानों के लिए एक गर्व का विषय है | इस अवसर पर संस्थान द्वारा किसानों को सब्ज़ी उत्पादन से जुड़ी नवीनतम उन्नत तकनीकों, उच्च उत्पादकता वाली किस्मों, सब्जी आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली मॉडल और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों की जानकारी भी दी गई। संस्थान परिसर में शोध प्रक्षेत्र पर लगी सब्जी फसलों का अवलोकन कर किसान भाई-बहनों ने ‘काशी’ ब्रांड की उन्नत सब्ज़ी किस्मों, जैविक खेती के उत्पादों और फसल सुरक्षा उपायों की जानकारी प्राप्त की ।
कार्यक्रम में वाराणसी और आसपास के जनपदों के 500 से अधिक किसान एवं अन्य प्रतिभागी शामिल हुए और प्रधानमंत्री द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से दी गई सहायता के लिए आभार प्रकट किया ।

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