नर्मदा क्षेत्र में प्रतिबंधित होने के बावजूद भी परोसी जा रही शराब........!!
क्या ठेकेदार के मद में मस्त आबकारी विभाग.....?
क्या आबकारी विभाग से ऊपर है ठेकेदार अवैध शराब बेचने वाले होटल ढाबे को कानून का डर नहीं है
किशन लाल जागिड़
संवाददाता मो 9829276942
धरमपुरी-धार जिले के नर्मदा तटीय क्षेत्र धरमपुरी में प्रतिबंध के बाद भी ढाबों ओर दुकानों से खुले आम शराब परोसी जा रही हैं।अवैध शराब के कारोबार में तहसील धरमपुरी ओर धामनोद में चल रहा है जिससे आबकारी विभाग अवैध शराब के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए ठेकेदारों से मदद ले रहा है और ठेकेदार अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए अवैध शराब विक्रय के नये-नये तरीके इजाद कर रहे हैं। जिसके चलते जहां पर शराब की दुकानें भी नहीं हैं वहां पर अघोषित रूप से शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। जिससे आस-पास के क्षेत्र और पड़ोसी दुकानों चाय, पान की छोटी होटलें, ढाबा एवं गुमटियां शाम होते ही मदिरा दुकानों में तब्दील हो जाती हैं। यह कारोबार एक स्थान पर नहीं छोटे-छोटे गांव से लेकर तहसील मुख्यालयों में दिनों-दिन फैल रहा है। ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की सांठ-गांठ से शासन को अरबों रूपये का चूना लगाया जा रहा है। जिससे आबकारी विभाग अवैध शराब विक्रय को रोकने के बजाय अवैध शराब विक्रय को खुला संरक्षण देने में जुटा रही हैं वही धार जिला के तहसील धरमपुरी मे मंदिर से कुछ ही दुरी पर शराब ठेकेदार की दुकान स्थापित करके चला रहा है जो शासन की नियमों को उल्लंघन कर रहा है।और आसपास के दुकान व व्यापारी बहुत परेशान यह आबकारी विभाग आँखे मुद के बैठे है.....? शासन को लाखो- करोड़ों रूपये का चूना लगाकर आबकारी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी काली कमाई के स्त्रोतों से इजाफा करने में ठेेकेदारों के माध्यम से उन गांवों एवं मोहल्लो में अवैध शराब का विक्रय कराने में सहयोगी बने हुए हैं जहां शराब दुकानें स्वीकृत ही नहीं हैं।।