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विकास की राह पर ठहरा जैतपुर: बदहाल व्यवस्थाओं के बीच कौशल्या देवी बनीं उम्मीद की नई किरण


ब्यूरो रिपोर्ट: ओमप्रकाश सिंह
स्थान: जैतपुर, अम्बेडकर नगर

आजमगढ़/अम्बेडकर नगर: विकास के दावों और योजनाओं के शोर के बीच जमीनी सच्चाई क्या है, इसे परखने के लिए हमारी टीम ने विकास खंड भियाँव के अंतर्गत आने वाली जैतपुर ग्राम सभा का दौरा किया। यहां की स्थिति ने विकास के दावों की पोल खोल दी। गांव की तस्वीर दो हिस्सों में बंटी हुई दिखाई दी—एक ओर सीमित संसाधनों में कार्य करने वाली क्षेत्र पंचायत सदस्य कौशल्या देवी के प्रयास, तो दूसरी ओर ग्राम प्रधान की कथित उदासीनता के कारण उत्पन्न अव्यवस्था और बदहाली।

सीमित संसाधन, मजबूत इच्छाशक्ति: कौशल्या देवी का कार्यकाल

ग्राम सभा जैतपुर की निवासी एवं वर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) कौशल्या देवी (पत्नी जगदीश यादव) ने अपने कार्यकाल में सीमित अधिकार और बजट के बावजूद उल्लेखनीय कार्य किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने गांव के कई हिस्सों में नाली निर्माण, खड़ंजा बिछाने और सी.सी. रोड बनवाने जैसे जरूरी कार्य कराए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां संसाधनों की कमी थी, वहां भी कौशल्या देवी ने जनहित को प्राथमिकता दी और उपलब्ध साधनों का अधिकतम उपयोग किया। यही कारण है कि गांव के एक वर्ग में उनके प्रति विश्वास और समर्थन स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

दूसरी तस्वीर: गंदगी, जर्जर रास्ते और ठप सफाई व्यवस्था

गांव के अन्य हिस्सों में हालात बेहद चिंताजनक हैं। वर्तमान ग्राम प्रधान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने बदहाल व्यवस्था की ओर इशारा किया। मौके पर स्थिति कुछ इस प्रकार मिली—

नालियां कीचड़ और गंदगी से लबालब भरी हुई हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

कई संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट चुके हैं, जिन पर चलना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा हो गया है।

सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे पूरे गांव में असंतोष का माहौल है।


एक बुजुर्ग ग्रामीण ने भावुक होकर कहा,
“अगर कौशल्या देवी गांव की प्रधान बन जाएं, तो जेतपुर की तस्वीर जरूर बदल सकती है।”
जनता का सवाल: विकास के दावे या जमीनी सच्चाई?

ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में उन पर अमल नहीं होता। गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ तौर पर दिखाई देती है, जिससे लोगों का भरोसा वर्तमान व्यवस्था से उठता जा रहा है।

साक्षात्कार: क्या है कौशल्या देवी का विजन?

जब हमारी टीम ने कौशल्या देवी से उनके भविष्य के विजन के बारे में बात की, तो उन्होंने जैतपुर के विकास के लिए एक विस्तृत और स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें ग्राम प्रधान बनने का अवसर मिलता है, तो वह गांव के समग्र विकास को प्राथमिकता देंगी।

कौशल्या देवी की प्रस्तावित विकास योजनाएं

धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों का विकास: प्राथमिक विद्यालय जेतपुर से बुढ़वा बाबा स्थल तक पक्की सड़क का निर्माण, ताकि श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को सुविधा मिल सके।

वंचित बस्तियों का उत्थान: मुसहर बस्ती एवं अन्य पिछड़ी बस्तियों में सी.सी. रोड और इंटरलॉकिंग का निर्माण।

संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण: मुरारी मास्टर के घर, विश्वकर्मा मार्ग और नकुल यादव के घर तक मुख्य रास्तों को इंटरलॉकिंग से जोड़ना।

जल निकासी एवं स्वच्छता सुधार: गांव की बदहाल नालियों के स्थान पर आधुनिक जल निकासी प्रणाली विकसित करना, जिससे जलभराव और गंदगी से मुक्ति मिल सके।

निष्कर्ष: बदलाव की दहलीज पर जेतपुर

जैतपुर गांव इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है। एक ओर वर्तमान नेतृत्व की कथित विफलताएं हैं, तो दूसरी ओर कौशल्या देवी के प्रयास और भविष्य की योजनाएं ग्रामीणों में नई उम्मीद जगा रही हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले समय में जैतपुर की जनता बदलाव का फैसला करेगी? क्या गांव की सड़कों और नालियों की बदहाली खत्म होगी?
इन सवालों का जवाब भविष्य की राजनीति और जनता के निर्णय पर निर्भर करेगा।

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