logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

उन्नाव उत्तर प्रदेश

उन्नाव के बिछिया ब्लॉक का जमुना खेड़ा आखिर कब तक तस्करी का अड्डा बना रहेगा? एक बार फिर इसी गांव का नाम तस्करी में सामने आना सीधा-सीधा प्रशासन की नाकामी को उजागर करता है। बार-बार एक ही जगह से आरोपी निकलना कोई संयोग नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क की ओर साफ इशारा है।
कहाँ है स्थानीय पुलिस? कहाँ है खुफिया तंत्र? अगर बार-बार एक ही गांव के लोग पकड़े जा रहे हैं तो साफ है कि या तो लापरवाही हो रही है या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदी जा रही हैं।
अब वक्त आ गया है कि सिर्फ दिखावे की कार्रवाई नहीं, बल्कि जमुना खेड़ा की पूरी छानबीन हो। गांव में सक्रिय हर संदिग्ध व्यक्ति की जांच हो, अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की सूची बने और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
अगर इस बार भी सिर्फ एक-दो लोगों को पकड़कर मामला दबा दिया गया, तो यह साफ माना जाएगा कि कहीं न कहीं सिस्टम भी इस खेल में शामिल है। प्रशासन को अब जवाब देना होगा—आखिर कब तक जमुना खेड़ा बदनाम होता रहेगा और कब तक तस्करी का ये खेल यूं ही चलता रहेगा?

0
0 views

Comment