गैस की कमी से ग्रामीण परेशान, लकड़ी के लिए दूर-दूर भटकने को मजबूर
झारखंड क्षेत्र में रसोई गैस की लगातार कमी ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने के कारण लोग फिर से पारंपरिक चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं।
स्थिति यह है कि चूल्हे के लिए लकड़ी जुटाने ग्रामीणों—खासकर महिलाओं—को कई किलोमीटर दूर जंगलों की ओर जाना पड़ रहा है। इससे न केवल समय और श्रम की बर्बादी हो रही है, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत गैस की सुविधा मिलने से राहत मिली थी, लेकिन अब नियमित आपूर्ति नहीं होने से फिर पुरानी व्यवस्था पर निर्भर होना पड़ रहा है। धुएं में खाना बनाने से आंखों और सांस की समस्या भी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गैस की आपूर्ति सुचारु की जाए, ताकि उन्हें इस परेशानी से निजात मिल सके।
प्रशासनिक पहल का इंतजार
ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करेगा और नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।