शाहजहांपुर में विधवा को मिला पीएम आवास, लेकिन रिश्तेदार ही बने रोड़ा; पहली किश्त के बाद भी नहीं शुरू हो पा रहा निर्माण
शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अपना घर मिलने की उम्मीद में बैठी एक विधवा महिला के सपनों पर उसके ही रिश्तेदार पानी फेरते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि रिश्तेदार मकान निर्माण नहीं करने दे रहे हैं और मजदूरों को भी भगा देते हैं। परेशान महिला ने अब प्रधानमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
अल्हागंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्मानान की रहने वाली सपना के पति अनूप कुमार का वर्ष 2020 में बीमारी के चलते निधन हो गया था। पति की मौत के बाद सपना पर ही परिवार की जिम्मेदारी आ गई। वह निजी शिक्षिका के रूप में काम कर अपने एक बेटे और एक बेटी का पालन-पोषण कर रही हैं। खुद का घर न होने के कारण सपना फिलहाल अपने जेठ के घर में रहकर किसी तरह बच्चों के साथ गुजारा कर रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में मिला लाभ
सपना ने कुछ समय पहले प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवेदन किया था। जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल हो गया। बीती 1 जनवरी को शहर के अटल बिहारी प्रेक्षागृह में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने उन्हें आवास स्वीकृति का प्रमाण पत्र भी सौंपा था।
सपना को उम्मीद थी कि सरकार की इस योजना से अब उनके और उनके बच्चों को रहने के लिए अपना घर मिल सकेगा। योजना के तहत आवास निर्माण के लिए उनके बैंक खाते में पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये भी भेज दिए गए हैं।
पुश्तैनी जमीन पर बनना है मकान
पीड़िता के अनुसार उनके मकान से लगभग 300 मीटर दूरी पर पुश्तैनी जमीन है, जिसमें उनका भी हिस्सा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसी जमीन के हिस्से का सर्वे किया गया और वहीं मकान निर्माण की स्वीकृति दी गई।
सपना ने बताया कि जब उन्होंने उस जमीन पर मकान बनवाने के लिए मजदूर लगवाए तो कुछ रिश्तेदारों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि रिश्तेदार खुद को जमीन का मालिक बताते हुए निर्माण कार्य रुकवा देते हैं और मजदूरों को भी वहां से भगा देते हैं।
मजदूरों को भगा देने का आरोप
महिला का कहना है कि कई बार मजदूर बुलाकर निर्माण शुरू कराने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार रिश्तेदार मौके पर पहुंचकर काम रुकवा देते हैं। इससे न सिर्फ मकान का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी परेशान किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
परेशान होकर सपना ने अब उच्च अधिकारियों और प्रधानमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सरकार ने गरीबों के लिए आवास योजना शुरू की है, लेकिन यदि स्थानीय स्तर पर ही उन्हें घर बनाने नहीं दिया जाएगा तो वह और उनके बच्चे कहां रहेंगे।
सपना ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें सुरक्षा और सहयोग दिया जाए ताकि वह अपने हिस्से की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर का निर्माण करा सकें और अपने बच्चों के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।