AIMA MEDIA EXCLUSIVE: समुद्र में भारत की बड़ी जीत, नौसेना के घेरे में सुरक्षित पहुंचा गैस का जहाज
नई दिल्ली/मुंद्रा: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भारी तनाव के बीच भारतीय कूटनीति और सैन्य शक्ति की एक बड़ी जीत सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे भारतीय तेल और गैस जहाजों को निकालने के लिए भारतीय नौसेना ने मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में, आज भारत का पहला बड़ा LPG जहाज 'शिवालिक' सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है।
नौसेना के दो युद्धपोत तैनात, 'ऑपरेशन संकल्प' तेज
सूत्रों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत ने होर्मुज के पास अपने दो शक्तिशाली युद्धपोत तैनात किए हैं। ये युद्धपोत भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षा घेरा (Escort) प्रदान कर रहे हैं। भारतीय नौसेना का यह 'ऑपरेशन संकल्प' अब और भी सक्रिय हो गया है, ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा पर कोई आंच न आए।
लाखों घरों के लिए राहत: 16 मार्च को पहुंचा 'शिवालिक'
सोमवार, 16 मार्च की शाम को मुंद्रा पोर्ट पर लंगर डालने वाला जहाज 'शिवालिक' अपने साथ करीब 46,000 मीट्रिक टन LPG लेकर आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस खेप से देश के करीब 32 लाख घरेलू सिलेंडरों की जरूरत पूरी हो सकेगी।
बड़ी खबर: एक और महत्वपूर्ण जहाज 'नंदा देवी' के भी आज (17 मार्च) देर शाम तक कांडला पोर्ट पहुंचने की पूरी संभावना है।
प्रधानमंत्री की कूटनीति का असर
यह सफलता केवल सैन्य शक्ति से ही नहीं, बल्कि उच्च स्तरीय कूटनीति से भी मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई सीधी बातचीत के बाद ही भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित हो पाया है। हालांकि, अभी भी करीब 22 भारतीय जहाज खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए नौसेना और विदेश मंत्रालय लगातार संपर्क में हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट: AIMA MEDIA सच्ची खबर, सटीक विश्लेषण।