कृषि
कृषि विश्वविद्यालय में नए बाजरा नेपियर ब्लॉक का शुभारंभ.
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जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, सस्य विज्ञान विभाग में अखिल भारतीय चारा अनुसंधान के अंतर्गत नए संकर बाजरा नेपियर ब्लॉक का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति डॉ प्रमोद कुमार मिश्रा थे।
कुलपति डॉ मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुये बताया कि जबलपुर दुग्ध उत्पादक शहरों में से एक प्रमुख शहर है और यहाँ वर्ष भर हरे चारे की आवश्यकता बनी रहती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए देश के विभिन्न प्रदेशों से नई-नई विकसित संकर बाजरा नेपियर किस्मों को विश्वविद्यालय में प्रदर्शन के रूप में स्थापित किया जा रहा है। ताकि, किसानों को इन किस्मों की जानकारी मिल सके और आने वाले समय में व्यापक स्तर पर किसानों की मांग के अनुसार इनकी पूर्ति की जा सके।
कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुये डॉ जी के कोतु ने बताया कि संकर बाजरा नेपियर में 7 से 10 प्रतिशत प्रोटीन तथा 25 से 30 प्रतिशत रेशा पाया जाता है। साथ ही इसमें उत्तम स्वाद, अच्छी गुणवत्ता एवं उच्च उत्पादन क्षमता होती है। इसके फलस्वरूप यह पशुओं के लिए अत्यंत पौष्टिक चारा माना जाता है।
परियोजना प्रभारी डॉ अमित कुमार झा ने बताया कि इस घास की जड़ों को एक बार रोपण करके उचित प्रबंधन द्वारा कई वर्षों तक लगातार उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यह घास बाजरे के समान पौष्टिक एवं सुस्वादु हरा चारा प्रदान करती है। संकर बाजरा नेपियर घास को काटकर पशुओं को खिलाया जाता है तथा इससे साइलैज बनाकर भी पशुओं को खिलाया जा सकता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में निदेशक खरपतवार निदेशालय डॉ जे एस मिश्रा अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ जयंत भट्ट, कुलसचिव डॉ ए के जैन, संचालक विस्तार डॉ टी आर शर्मा, डॉ. स्वाति बारचे अधिष्ठाता उद्यानिकी डॉ स्वाति बारचे, परियोजना समन्वयक तिल एवं नाइजर डॉ आंनद विश्वकर्मा, संचालक प्रक्षेत्र डॉ विजय कुमार यादव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ अमित शर्मा, विभागाध्यक्ष सस्य विज्ञान विभाग डॉ नम्रता जैन सहित सभी कृषि वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।