धर्म परिवर्तन के नाम पर गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ईसाई भाईचारे को निशाना बनाना निंदनीय है : अल्फ्रेड गुडविन
*प्रेस विज्ञप्ति*
दिनांक: 15 मार्च 2026
मैं पंजाब में आयोजित एक रैली के दौरान गृह मंत्री अमित शाह द्वारा धर्म परिवर्तन के नाम पर ईसाई समुदाय को निशाना बनाते हुए दिए गए बयान की कड़ी निंदा करता हूँ। इस प्रकार के बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं और पंजाब की उस सामाजिक सद्भावना और भाईचारे को आघात पहुँचाते हैं जिसके लिए यह राज्य पूरे देश में जाना जाता है।
मुझे लगता है कि इस प्रकार के बयान देकर केंद्रीय मंत्री वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा देने और समाज में ध्रुवीकरण (पोलराइजेशन) करने की कोशिश कर रहे हैं। शायद उन्हें लगता है कि ऐसी राजनीति के माध्यम से वे वर्ष 2027 के आगामी चुनावों में सफलता प्राप्त कर लेंगे, लेकिन पंजाब के लोग बहुत जागरूक हैं और वे इन चालों को अच्छी तरह समझते हैं। पंजाब की जनता नेताओं के काम और नीतियों को देखती है और किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
पंजाब सदियों से सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के बीच आपसी सम्मान, एकता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की भूमि रहा है। किसी भी विशेष समुदाय को निशाना बनाना या समुदायों के बीच अविश्वास पैदा करना हमारे संविधान की भावना और सामाजिक मूल्यों के विपरीत है।
पंजाब का ईसाई समुदाय शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में हमेशा महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। ऐसे राजनीतिक बयान समाज में अनावश्यक भय और भ्रम पैदा करते हैं।
मैं सभी राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों से अपील करता हूँ कि वे अपने सार्वजनिक बयानों में संयम बरतें और समाज में भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में काम करें। पंजाब की असली ताकत उसकी एकता और भाईचारा है, जिसे हर हाल में बनाए रखना चाहिए।
*अल्फ्रेड गुडविन
सदस्य
क्रिश्चियन वेलफेयर डेवलपमेंट बोर्ड, पंजाब*