चौरिया में करिअई बाबा का इतिहास
खरौंधी- खरौंधी प्रखंड मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर चौरिया गांव के शिवाजीनगर में, गांव के पूर्व दिशा में स्थित करिअई बाबा का स्थान स्थानीय लोगों की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। इस स्थल का इतिहास काफी पुराना बताया जाता है। गांव के बुजुर्गों के अनुसार कई वर्षों से यहां लोग बाबा की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।
ग्रामीणों की मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां आकर बाबा की पूजा करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इसी आस्था के कारण आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन करने पहुंचते हैं।
विशेष रूप से चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि के दौरान गांव के लोग मिलकर बाबा की पूजा करते हैं, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। इस समय मंदिर परिसर में भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिलती है और पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से भर जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि करिअई बाबा की कृपा से गांव में सुख-शांति बनी रहती है और लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि यह स्थान आज भी गांव और आसपास के क्षेत्रों के लिए आस्था और विश्वास का प्रतीक बना हुआ है।