एक विचार एक सोच
क्या ऐसा नहीं हो सकता। सभी सेवानिवृत्त कार्मिकों को अनिवार्य समाज सेवा के लिए लगा दिया जाए। सरकार का चुनाव खर्च भी बचेगा तथा समाज को 60 वर्ष तक राजकीय कार्यों के अनुभवी समाजसेवी जनप्रतिनिधि भी मिलेंगे। इन सेवानिवृत्त समाजसेवियों को सरकार को अतिरिक्त मानदेय भी नहीं देना पड़ेगा। सरकार इन्हें जीवन यापन के लिए पेंशन देती है। इसे चुनावी खर्च भी बच जाएगा राजनितिक तनाव भी कम रहेगा। सभी सेवानिवृत कार्मिकों से अनुरोध है विचार अच्छा हो अपने विचार व्यक्त करें।