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गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने का मुद्दा संसद में उठाया — सांसद अजय कुमार मंडल

गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने का मुद्दा संसद में उठाया — सांसद अजय कुमार मंडल

भागलपुर के माननीय सांसद श्री अजय कुमार मंडल ने लोक सभा में 12 मार्च 2026 को अतारांकित प्रश्न संख्या 3418 के माध्यम से बिहार की गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल किए जाने के संबंध में प्रश्न उठाया।

इस प्रश्न के उत्तर में जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बताया कि अनुसूचित जनजातियों की सूची में किसी समुदाय को शामिल करने या उसमें संशोधन करने के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। इसके अनुसार संबंधित राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव भेजा जाता है, जिसकी जांच भारत के महापंजीयक (आरजीआई) तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) द्वारा की जाती है।

मंत्री ने जानकारी दी कि बिहार सरकार ने 4 नवंबर 2019 को गंगोता समुदाय की नृवंशविज्ञान (एथ्नोग्राफिक) रिपोर्ट के साथ इस समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। इसके बाद यह प्रस्ताव जांच के लिए भारत के महापंजीयक (आरजीआई) को भेजा गया, लेकिन आरजीआई ने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। फरवरी 2021 में आरजीआई की टिप्पणियां राज्य सरकार को भेजी गईं और यदि कोई अतिरिक्त जानकारी या औचित्य उपलब्ध हो तो उसे प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया। इस मामले में बिहार सरकार को अब पहल करना है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित सूची में किसी समुदाय को शामिल करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार विभिन्न स्तरों पर जांच के बाद ही पूरी की जाती है और यह एक सतत प्रक्रिया है।

सांसद श्री अजय कुमार मंडल ने कहा कि गंगोता समुदाय से जुड़े इस महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे को उन्होंने संसद में उठाया है और भविष्य में भी इस विषय पर आवश्यक पहल जारी रखेंगे।

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