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सिविल अस्पताल सराहां में दो महीनों से लैब की टेस्ट मशीन खराब 11 में से मात्र तीन डॉक्टर ही है अस्पताल में, कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं उपलब्ध



40 पंचायतों के लोग टेस्ट व उपचार के लिए सोलन नाहन चंडीगढ़ व देहरादून जाने के लिए हो रहे मजबूर
सराहा 15 मार्च

हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ यशवंत सिंह परमार के गृह विधानसभा क्षेत्र पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां स्थित सिविल अस्पताल अपनी बदहाली पर आंसू बह रहा है। आलम यह है कि 50 बेड़िड अस्पताल में डॉक्टर के 11 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से केवल तीन ही डॉक्टर के पद भरे हुए हैं। आठ पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। वही सिविल अस्पताल की प्रयोगशाला की मशीन दो महीनों से अधिक समय से टेस्ट मशीन खराब है। लैब टेस्ट मशीन खराब होने के चलते अस्पताल आने वाले मरीजों को टेस्ट के लिए नाहन, सोलन एमएमयू सुल्तानपुर जाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी तो गर्भवती महिलाओं को गयनी विशेषज्ञ तथा आंखों के विशेषज्ञ ना होने के चलते लोगों को हो रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण पच्छाद उपमंडल की 34 पंचायतों के हजारों लोग इलाज के लिए भी नाहन, सोलन, चंडीगढ़ व एमएमयू सुल्तानपुर जाने को मजबूर हैं। विदित रहे कि पच्छाद की 34 पंचायतों के अतिरिक्त नाहन की दो, श्रीरेणुकाजी की दो और हरियाणा की दो दो पंचायतों के लोग में अपने इलाज के सिविल अस्पताल सराहां आते है। वहीं प्रदेश सरकार ने यहां पर जो डॉक्टर थे, वह भी अन्य स्थानों पर ट्रांसफर कर दिए है। कुछ समय पूर्व तक सिविल अस्पताल सराहां में 400 से 500 ओपीडी प्रतिदिन होती थी, वह ओपीडी अब घटकर 120 से 130 के बीच रह गई है। जो लोग इलाज के लिए अस्पताल आते हैं, उन्हें टेस्ट मशीन खराब होने के चलते टेस्ट करवाने के लिए नाहन, सोलन या एमएमयू सुल्तानपुर जाना पड़ रहा है। बता दें कि एक माह पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सिविल अस्पताल सराहां को 100 बेड करने तथा यहां पर सो बेड के अनुसार डॉक्टर के पद भरने की घोषणा की थी, जो कि अभी तक मात्र घोषणा ही रही है। अस्पताल में बिना डॉक्टर के व टेस्ट मशीन खराब होने के चलते मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। उधर जब इस संदर्भ में पच्छाद खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पुनीत शर्मा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि लैब में टेस्ट करने वाली मशीन 2 महीनों से खराब है। इसकी जानकारी सीएमओ तथा राज्य मुख्यालय को दी गई है। साथ ही प्रदेश सरकार से नई मशीन खरीदने के लिए बजट की मांग भी की गई है। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए भी सीएमओ तथा प्रदेश सरकार से आग्रह किया गया है।

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