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*नई दिल्ली: ईरान इजरायल अमेरिका युद्व भारत की आर्थिक सामरिक नीति दांव पर, देश की जीडीपी की रफ्तार कमजोर होने का खतरा* ....

*नई दिल्ली: ईरान इजरायल अमेरिका युद्व भारत की आर्थिक सामरिक नीति दांव पर, देश की जीडीपी की रफ्तार कमजोर होने का खतरा* ....

ईरान इजरायल अमेरिका युद्व ने भारत के समक्ष बेहद जटिल और अजीबोगरीब संकट पैदा कर दिया है...

सबसे बड़ा संकट और सवाल भारत की डिप्लोमेसी को लेकर है, जो हाल के वर्षों में आजादी के बाद सबसे खराब प्रदर्शनों में एक माना जा रहा है...

करोड़ों की संख्या में भारतीय कामगारों एवं प्रोफेशनलों के लिए सऊदी अरब UAE बहरीन कुवैत कतर ओमान ईरान इराक एक सपनों का डिस्निस्टेशन रहा है...

जिसके कारण भारत की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है, विदेशी मुद्रा की आवक भी बढ़ती है..

ऊर्जा संतुलन बनाए रखने में ये देश तेल गैस पेट्रोकेमिकल आदि के दुनियां के प्रमुख बाजारों में भारत के लिए अहम स्थान रखते हैं...

लेकिन बदले विश्व परिदृश्य में भारत की विदेश नीति प्रो. अमेरिका इजरायल की हो गई है।

जिसके कारण इसका खामियाजा अब देश को भुगतना पड़ रहा है, इसके ट्रेंड भी आने लगे हैं...

हॉर्मूज स्ट्रेट की आवाजाही बंद होना भारत के लिए गंभीर संकट की तरफ धकेलने वाला है।

मिडिल ईस्ट में जलते तेल कुएं रिफाईनरी आने वाले समय में संकट और गंभीर बनाएगी

जिसके कारण इन देशों की अर्थव्यवस्था रसातल में चली जाएगी।

बड़ी संख्या में विदेशी कामगारों की रोजी रोटी छिन जाएगी,

भारत के हर मुश्किल में साथ देने वाले रूस से भारत उतना ही तेल गैस खरीद सकता है जितना ट्रंप कहेंगे..

1997.98 में देश में गठबंधन की सरकारों में सबसे कमजोर सरकारों का गठन हुआ था।

उस समय देवगौड़ा, IK गुजराल देश के पीएम थे।

अमेरिका ने कई बार भारत पर परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत करने के लिए दबाव डाला..

लेकिन गुजराल टस से मस न हुए आखिर में अमेरिका UN में इस प्रस्ताव को पेश किया जहां रूस ने बीटो कर दिया था।

कुल मिलाकर आज जब हम विश्व गुरु 2047 में विकसित भारत होने का सब्जबाग बुन रहे हैं।

तो देश को नेपाल श्रीलंका पाकिस्तान बंग्लादेश भूटान नामीबिया सोमालिया आदि देशों के साथ तुलनात्मक स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है...

सरकारों का काम ही देश के आत्मसम्मान और गौरव के साथ खड़े होकर निडरता से फैसले लेने का होता है।

किसी दूसरे देश की हैसियत देश के मामलों में निर्देश देने की नहीं होनी चाहिए...

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