न नियम, न अनुमति… फिर कैसे खड़ा हुआ ताला में तीन मंजिला भवन?
कॉमर्शियल भवन को लेकर फायर सेफ्टी और टीएंडसीपी नियम पर सवाल
उमरिया। जिले के ताला ग्राम में इन दिनों एक तीन मंजिला कमर्शियल भवन का निर्माण चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि निलेश साहू द्वारा यह भवन बनाया गया है, जबकि ग्राम पंचायत और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टी एंड सीपी) के निर्धारित नियमों के अनुसार ऐसे निर्माण के लिए पहले मानचित्र स्वीकृति और पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है। ताला ग्राम बांधवगढ़ नेशनल पार्क से सटा हुआ राजस्व ग्राम है, और यहां पर्यटन गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में क्षेत्र में होने वाले भवन निर्माण के लिए नियमानुसार योजना, मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमतियां लेना जरूरी माना जाता है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार संबंधित तीन मंजिला भवन का निर्माण बिना ग्राम पंचायत की विधिवत अनुमति और स्वीकृत नक्शे के ही कर लिया गया।
व्यवस्था पर उठे सवाल
नियमों के अनुसार पंचायत क्षेत्र में किसी भी प्रकार का व्यावसायिक भवन बनाने से पहले ग्राम पंचायत की अनुमति, स्वीकृत मानचित्र तथा कई मामलों में टी एन्ड सी पी के प्रावधानों का पालन करना आवश्यक होता है। टी एंड सीपी के प्रावधानों में भवन की ऊंचाई, सेटबैक, पार्किंग और भूमि उपयोग जैसे नियमों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है। जानकारों का कहना है कि यदि बिना अनुमति के इतना बड़ा तीन मंजिला भवन बन गया, तो यह प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करता है।
ताक पर सुरक्षा के मानक स्तर
व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा के लिहाज से फायर सेफ्टी व्यवस्था भी अनिवार्य मानी जाती है। अग्निशमन विभाग के नियमों के अनुसार ऐसे भवनों में आग लगने की स्थिति में बचाव के लिए फायर एक्सटिंग्विशर, सुरक्षित निकास मार्ग और आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण होना जरूरी होता है। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि आखिर निर्माण के दौरान जिम्मेदार विभागों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। मामले को लेकर अब स्थानीय लोगों में चर्चा तेज है और कई लोग प्रशासन से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में नियमों की अनदेखी कर इस तरह के निर्माण पर रोक लग सके।