हरीश राणा: 13 साल के लंबे संघर्ष के बाद अंतिम विदाई इच्छा मृत्यु का ऐतिहासिक फैसला l
#जिस बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना देखा था वह 13 साल पहले एक हादसे का शिकार होकर कोमा में चला गया। माता-पिता की ममता और संघर्ष की यह एक ऐसी दास्तां है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। हरीश राणा (32 के माता-पिता की गुहार पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए यूथेनेशिया' (इच्छा मृत्यु) की अनुमति दी।
#यह वीडियो हरीश भाई की अंतिम विदाई का है जब ब्रह्माकुमारी लवली बहन ने उनके राजनगर एक्सटेंशन स्थित घर पहुँचकर उन्हें ईश्वर की याद के साथ विदा किया। एक माँ के लिए अपने जिगर के टुकड़े के लिए मौत मांगना दुनिया का सबसे कठिन फैसला हैलेकिन बेटे की असहनीय पीड़ा ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
#हरीश भाई की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस अपार दुख को सहने की l
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Sushant Kumar Khan
Executive Member of All India Media Association and Social Media Activist