विजय राघव गढ़ बरही में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आगमन पूर्व कांग्रेस के सैकड़ों पदाधिकारियों को अलग अलग रखा गया पुलिस अभिरक्षा में. देर शाम वि. गढ़
विजय राघव गढ़ बरही में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आगमन पूर्व कांग्रेस के सैकड़ों पदाधिकारियों को अलग अलग रखा गया पुलिस अभिरक्षा में. देर शाम विजय राघव गढ़ पहुँचे कांग्रेस नेताओं ने रिहा कराया पदाधिकारियों को.
विजय राघव गढ़. इतिहास मे पहली बार हुआ कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव के विजय राघव गढ़ बरही आगमन के पूर्व ही देर रात्रि बरही, विजय राघव गढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं तथा पदाधिकारियों को घरों से उठाकर कयी अलग अलग स्थानो पर कड़ी पुलिस अभिरक्षा में रखा गया.खि तो ली, बरही, विजय राघव गढ़ के अलावा ग्राम गौ रहा में अलग अलग स्थानो में कड़ी निगरानी में रखा गया. बरही के एडवोकेट, ब्रज राज सिह, पी डी अवस्थी, कौशल सिह, संजय बिलों हाँ, अन्नू पाठक, पी डी यादव, रवि गर्ग को बरही पोलिस द्वारा रात्री में ही पुलिस अभिरक्षा में लिया, वहीं विजय राघव गढ़ पुलिस द्वारा कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी नीरज सिह बघेल, शरद दुबे, छोटे सिह बघेल, संतोष तिवारी, गुड्डू प्यासी, के साथ अनेक कांग्रेस जनों को ग्राम गौर हा के एक मकान में भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ अभिरक्षा में रखा गया. वही खि तो ली में भी कांग्रेस जनों को तेजा सिह तथा अन्य नेताओ को रखा गया. दोपहर जब कांग्रेस के वरिष्ठ सुरेन्द्र दुबे उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी स्वतंत्रता सेनानी परिवार प्रकोष्ठ, तथा वरिष्ठ नेता सोम नाथ मिश्रा को जानकारी लगी तब वे थाना विजय राघव गढ़ पहुंचकर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया.
मुख्यमंत्री मोहन यादव के बरही से प्रस्थान होने के बाद विजय राघव गढ़ थाना में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सौरभ सिह अनेक कांग्रेस जनों के साथ पहुँचे तथा बंदी बनाये गये कांग्रेस नेताओं को रिहा कराया गया.
विजय राघव गढ़ के इतिहास मे पहली बार हुआ कि मुख्यमंत्री के आगमन पूर्व सैकड़ों की संख्या में विपक्षी नेताओं को कड़ी पुलिस अभिरक्षा में लेने के बाद मुख्यमंत्री को अपनी सभा करनी पडी हो.
मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव का विजय राघव गढ़ आगमन को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजर सोशल मीडिया से लेकर गली चौराहों में बतकही हो रहीं थीं. इसके साथ ही कयी एसे सवाल छोड गया मुख्यमंत्री का आगमन जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा. मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष स्वतन्त्रता सेनानी परिवार प्रकोष्ठ, ने मध्यप्रदेश सरकार के इस अलोक तांत्रिक गिरफ्तारी की निंदा की है.