करवाड़ में सफाई व्यवस्था पर छिड़ी जंग: मानवाधिकार सुरक्षा परिषद के आरोपों पर सरपंच ने दी सफाई, कहा— "बजट मिलते ही होगा काम"
पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत करवाड़ में सफाई व्यवस्था को लेकर खींचतान तेज हो गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद के जिला सदस्य कपिल कुमार द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र के बाद अब इस मामले में ग्राम पंचायत प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है।
शिकायतकर्ता का पक्ष: "5 सालों से बदहाल है बेवरिया स्थान"
मानवाधिकार सुरक्षा परिषद के जिला सदस्य कपिल कुमार ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के 'बेवरिया' नामक स्थान और उसके पास स्थित श्मशान घाट पर पिछले पांच वर्षों से सफाई कार्य नहीं कराया गया है। पत्र में दावा किया गया है कि गंदगी और जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को देवस्थान तक पहुँचने में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष से उचित कार्रवाई की मांग की है।
सरपंच का पक्ष: "नरेगा में भेजा है प्रस्ताव, बजट का है इंतज़ार"
इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सरपंच ने बताया कि ग्राम पंचायत सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर है। सरपंच के अनुसार:
इस कार्य के लिए महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) योजना के तहत प्रस्ताव बनाकर पहले ही भेजा जा चुका है।
वर्तमान में प्रस्ताव के पास होने और बजट जारी होने की प्रक्रिया लंबित है।
सरपंच ने आश्वासन दिया है कि "जैसे ही बजट पास होकर प्राप्त होता है, प्राथमिकता के आधार पर सफाई कार्य तुरंत शुरू करवा दिया जाएगा।"
निष्कर्ष
जहाँ एक ओर ग्रामीण और सामाजिक संगठन धार्मिक स्थलों और श्मशान घाट की सफाई की तत्काल मांग कर रहे हैं, वहीं पंचायत प्रशासन बजट की कमी को बाधा बता रहा है। अब क्षेत्रवासियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकारी बजट कब तक पास होता है और कब उन्हें इस समस्या से राहत मिलती है।