AIMA NEWS: भारत-ईरान दोस्ती की जीत; संकट के बीच LPG जहाजों को मिला सुरक्षित रास्ता
नई दिल्ली / तेहरान | 15 मार्च, 2026
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत और ईरान के रिश्तों ने दुनिया के सामने 'डिप्लोमेसी' की एक नई और सकारात्मक मिसाल पेश की है। जहां एक ओर रणनीतिक जलमार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में आवाजाही चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, वहीं ईरान ने भारत के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का सम्मान करते हुए भारतीय LPG जहाजों को विशेष रूप से सुरक्षित रास्ता दिया है।
ताज़ा अपडेट: समुद्र में 'दोस्ती' का कॉरिडोर
भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी: ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि ईरान ने दो प्रमुख भारतीय LPG जहाजों— 'शिवालिक' (Shivalik) और 'नंदा देवी' (Nanda Devi) को होर्मुज के रास्ते सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। ये जहाज करीब 92,000 मीट्रिक टन रसोई गैस लेकर कल (16-17 मार्च) तक गुजरात के मुंद्रा और कांडला पोर्ट पहुँच रहे हैं।
उच्च स्तरीय कूटनीति: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान के बीच हुई हालिया बातचीत के बाद यह सकारात्मक कदम उठाया गया है। भारत ने ईरान को एक 'भरोसेमंद साथी' बताया है, जबकि ईरान ने भारत के 'संतुलित दृष्टिकोण' की सराहना की है।
ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित: ईरान के इस सहयोग से भारत में घरेलू LPG की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को पैनिक होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दोस्ती और कूटनीति के चलते सप्लाई चेन बहाल है।
विशेषज्ञों की राय
"मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को रास्ता देना यह दर्शाता है कि भारत की 'स्वतंत्र विदेश नीति' और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंध कितने मजबूत हैं। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि आपसी भरोसे की जीत है।"