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राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,42,173 मामलों का निस्तारण, 14.27 करोड़ रुपये की वसूली

राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,42,173 मामलों का निस्तारण, 14.27 करोड़ रुपये की वसूली

जय प्रकाश त्रिपाठी
जिला संवाददाता, सिद्धार्थनगर


सिद्धार्थनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को सिविल कोर्ट सिद्धार्थनगर सहित बाह्य न्यायालय बांसी, डुमरियागंज, ग्राम न्यायालय इटवा, जिला कारागार सिद्धार्थनगर, समस्त राजस्व व चकबंदी न्यायालयों तथा बैंकों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय ने की।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ माननीय जनपद न्यायाधीश श्री अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय द्वारा दीप प्रज्वलित कर तथा सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर विभिन्न न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, बैंक अधिकारी, अधिवक्ता तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।
लोक अदालत में कुल 2,42,173 मामलों का निस्तारण किया गया। विभिन्न मामलों में अर्थदंड व सेटलमेंट के रूप में कुल 14,27,13,679 रुपये की धनराशि वसूल कर पीड़ित पक्षों को दिलाई गई।
जनपद एवं सत्र न्यायाधीश श्री अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय द्वारा प्रकीर्ण फौजदारी के 4 वाद तथा आर्बिट्रेशन के 2 वाद निस्तारित कर 12 हजार रुपये की समझौता राशि दिलाई गई। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री अखिलेश कुमार पाण्डेय द्वारा पारिवारिक मामलों के 41 वादों का निस्तारण करते हुए 32.70 लाख रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री अरविन्द राय द्वारा 70 वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्ष को 4,63,16,709 रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए गए। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश श्री मोहम्मद रफी द्वारा 274 वाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) श्री बीरेन्द्र कुमार द्वारा 9 वाद तथा विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) श्री मनोज कुमार तिवारी द्वारा 3 वादों का निस्तारण किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अनुभव कटियार ने 1505 वाद, सिविल जज (सीडी) श्री पंकज ने 316 वाद, अपर सिविल जज (सीडी) श्री शैलेन्द्र नाथ ने 164 वाद, सिविल जज (सीडी)/एफटीसी श्री वकील ने 352 वाद तथा ग्राम न्यायालय इटवा की न्यायाधिकारी श्रीमती सौम्या द्विवेदी ने 211 वादों का निस्तारण किया।
इसके अतिरिक्त सिविल जज (जू.डि.) श्री धम्म कुमार सिद्धार्थ द्वारा 149 वाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती स्वाती आनन्द द्वारा 879 वाद, सिविल जज (जू.डि.) डुमरियागंज श्री उदयन कुमार गौतम द्वारा 301 वाद, अपर सिविल जज (जू.डि.) श्री शिवेन्द्र शर्मा द्वारा 703 वाद तथा सिविल जज (जू.डि.)/एफटीसी-प्रथम श्री श्रेय कुमार द्वारा 562 वादों का निस्तारण किया गया।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष श्री परवेज अहमद द्वारा 2 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं समस्त राजस्व व चकबंदी न्यायालयों द्वारा 2,22,761 वाद, समस्त थानों द्वारा 9,614 वाद, भारतीय दूरसंचार निगम लिमिटेड द्वारा 3,497 वाद तथा विभिन्न बैंकों द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर के 749 वादों का निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अरुण कुमार-चतुर्थ ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आपसी समझौते के माध्यम से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कर लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।

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