रिश्तों में दूरियों और वास्तु दोष का संबंध (डॉ अजय कुमार)पी एच डी वास्तु शास्त्र
परिवार में अत्यधिक कलह, रिश्तो में बढ़ रही दूरियां, पति-पत्नी के संबंध विच्छेद आदि के कई कारणों में से एक कारण आपके घर का वास्तु दोष भी हो सकता है क्योंकि वास्तु शास्त्र वह विज्ञान है जो ब्रहमांडीय ऊर्जा का संतुलन बनता है सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि करता है किंतु घर में वास्तु दोष होने पर पंचतत्वो तथा ब्रहमांडीय ऊर्जा में असंतुलन हो जाता है ।सकारात्मक ऊर्जा नकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित होने लगती है तथा परिवार के सदस्यों के रिश्तों का संतुलन भी खराब करने लगता है सोचने योग्य विषय है कि जब परिवार नए घर में जाता है या घर का नवीनीकरण करता है तभी अचानक घर में संबंध खराब होने लगते हैं मेहमानों का आना-जाना बंद हो जाता है ,बरसों से साथ रह रहे लोग अचानक एक दूसरे के विरुद्ध तथा शत्रू जैसे हो जाते हैं तथा छोटे-छोटे विवाद अचानक बहुत बड़ा रूप ले लेते हैं वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ डॉ अजय कुमार शर्मा के अनुसार वर्षों तक साथ रहने के पश्चात अचानक स्वभाव में बदलाव घर में उत्पन्न वास्तु दोष के कारण ही आते हैं तथा कुशल वास्तु शास्त्री के परामर्श से इन वास्तु दोष को दूर कर परिवार में फिर से स्नेह तथा मधुरता प्राप्त की जा सकती है इसके लिए सोलह दिशाओं वाला वास्तु आधारित मानचित्र बनाना अत्यंत आवश्यक है जिससे दिशाओं का सही अनुमान लगाया जा सके। घर या परिसर में ईशान कोण को ईश्वर का स्थान माना जाता है यह देवगुरु बृहस्पति के आधिपत्य का स्थान है इस स्थान पर बना पति-पत्नी का बेडरूम आपसी रिश्तों को खत्म कर देता है ! इसी क्रम मे दूसरा स्थान
नेरैतय कोण (साउथ वेस्ट) होता है यह राहु ग्रह से संबंधित तथा पित्रोँ का स्थान माना जाता है यह स्थान संबंधों में मधुरता या कटुता लाने में बहुत योगदान करता है इस स्थान का वास्तु दोष सर्वप्रथम पति और पत्नी के संबंधों पर बहुत गहरा प्रभाव डालता है इस स्थान का वास्तु दोष राहु ग्रह की ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देता है जिससे मानसिक शांति पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और छोटे-छोटे विवाद बड़े होने लगते हैं, गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं तथा व्यवहार में परिवर्तन के कारण दूरियां इतनी बढ़ जाती हैं कि अलगाव तक की स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं यदि परिवार में ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो गई है तो स्थितियों को सुधारने के अन्य उपायों के साथ-साथ एक कुशल वास्तु शास्त्री के परामर्श से वास्तु दोष को दूर कर संबंधों में मधुरता लाई जा सकती है तथा परिवारों को टूटने से बचाया जा सकता है क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार हर दिशा का अपना गुण धर्म होता है तथा नकारात्मक तथा सकारात्मक ऊर्जाएं जीवन में अपना प्रभाव छोड़ती हैं बड़े नुकसानों से बचने के लिए सोशल मीडिया के आधार पर प्राप्त ज्ञान के आधार पर वास्तु के नाम पर बेचे जाने वाले उत्पादों को बिना किसी कुशल वास्तु शास्त्री के परामर्श के अपने घर में लगाने से बचना चाहिए