जमशेदपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन, लाभुकों के बीच 1.42 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति वितरित
जमशेदपुर | रिपोर्ट: आनंद किशोर
राज्य स्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तिकरण शिविर तथा राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन माननीय न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा जमशेदपुर के सिदगोड़ा टाउन हॉल में किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा लाभुकों के बीच लगभग 1.42 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति वितरित की गई। साथ ही न्यायिक ट्रिब्यूनल के निर्णय के आधार पर सड़क दुर्घटना में मृत 9 लोगों के आश्रितों को विभिन्न बीमा कंपनियों के माध्यम से मुआवजा राशि के चेक भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक और मौलिक अधिकारों की जानकारी देना तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लक्षित समूहों तक सरलता से पहुँचाना है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और वंचित वर्गों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आपसी सहमति और समझौते के आधार पर विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, महिलाओं और कमजोर वर्गों पर होने वाले अत्याचारों की रोकथाम तथा मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता बताई। साथ ही प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें रोजगार से जोड़ने पर बल दिया।
इस अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि लोक अदालत केवल वादों के निपटारे का मंच नहीं है, बल्कि यह समाज में विश्वास और आपसी समरसता को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि न्याय और विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और जिला प्रशासन सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना ने स्वागत भाषण दिया। वहीं झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नालसा और झालसा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का लगातार आयोजन कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। साथ ही एलईडी स्क्रीन पर नालसा गीत और लीगल एड क्लीनिक पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद अतिथियों ने जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई सरकारी योजनाओं और उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
1.42 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति का वितरण
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत लाभुकों को सहायता प्रदान की गई। झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी के तहत स्वयं सहायता समूहों को 40 लाख रुपये, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 11.30 लाख रुपये का ऋण, बिरसा आवास योजना के तहत आवास लाभ, वन अधिकार पट्टा, कान मशीन, पेंशन योजना, स्पॉन्सरशिप, पॉलीहाउस निर्माण, दुधारू गाय वितरण, बकरा विकास योजना, मत्स्य योजना तथा स्वास्थ्य विभाग की किट सहित कई योजनाओं का लाभ दिया गया।
इसके अलावा न्यायिक ट्रिब्यूनल के निर्णय के आधार पर सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को 70 लाख रुपये से लेकर 18 लाख रुपये तक की बीमा राशि के चेक प्रदान किए गए।
✍️ रिपोर्ट: आनंद किशोर