राजेश अधिकारियों की हटधर्मिता से खाचरोद का विकास थमा करोड़ों की योजनाएं अधर में पूर्व विधायक गुर्जर ने दी जन आंदोलन की चेतावनी
*राजस्व अधिकारियों की हठधर्मिता से खाचरौद का विकास थमा,करोड़ों की योजनाएँ अधर में, पूर्व विधायक गुर्जर ने दी जनआंदोलन की चेतावनी*
*उज्जैन/गिरधारी लाल गेहलोत जन जन की आवाज*
खाचरौद। कलेक्टर और शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी खाचरौद के स्थानीय राजस्व अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण नगर पालिका को भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है जिससे भूमिपूजन के पश्चात भी शासन की करोड़ों रुपये की योजनाओ का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा हैं पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाकर चेतावनी देते हुए कहा है कि नगर पालिका परिषद खाचरौद कांग्रेस की होने के कारण स्थानीय राजनीतिक दबाव में योजनाओं को जानबूझकर लंबित किया जा रहा है, ताकि परिषद की छवि जनता के बीच खराब की जा सके यदि शीघ्र स्वीकृति प्रदान नही की गई तो जन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री व कलेक्टर को लिखे पत्र में पूर्व विधायक गुर्जर ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन किए जाने के बाद भी प्रशासनिक उदासीनता के चलते खाचरौद नगर में शासन की कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएँ शुरू नहीं हो पा रही हैं। भूमि आवंटन की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित होने के कारण करोड़ों रुपये की जनहितकारी परियोजनाएँ ठप पड़ी हैं।
नगर पालिका परिषद खाचरौद द्वारा विभिन्न योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित कर ऑनलाइन आवेदन सहित सभी औपचारिक प्रक्रियाएँ पूर्ण कर ली गई हैं, इसके बावजूद भूमि का औपचारिक आवंटन एसडीएम, तहसीलदार द्वारा जानबुझकर स्थानीय राजनैतिक दबाववश नहीं किया जा रहा है जिससे जनहित की योजनाओं का क्रियान्वयन रुका हुआ है।
एसबीएम 2.0 का 8 करोड़ का प्रोजेक्ट भी अटका
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत खाचरौद नगर में लगभग 800 लाख रुपये की लागत से लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्वीकृति वर्ष 2023 में प्रदान की गई थी। नगर पालिका ने योजना की कार्ययोजना तैयार कर भूमि सर्वे क्रमांक 1454, रकबा 0.3450 हेक्टेयर चिन्हित करते हुए 29 दिसंबर 2023 को ऑनलाइन आवेदन भी कर दिया था। इसके बाद 28 अक्टूबर 2024 को ठेकेदार को कार्यादेश जारी कर 18 माह में कार्य पूर्ण करने की समय सीमा तय की गई, लेकिन लगभग दो वर्ष बीत जाने के बाद भी भूमि आवंटन नहीं होने से कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया।
75 लाख का सामुदायिक भवन भी अधर में
मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना के अंतर्गत खाचरौद में 75 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति भी दी गई है। इसके लिए भूमि सर्वे क्रमांक 486/1/1, रकबा 0.180 हेक्टेयर चिन्हित कर 10 अक्टूबर 2025 को ऑनलाइन आवेदन किया गया था।
नगर पालिका द्वारा टीएस और टेंडर सहित सभी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली गई हैं, लेकिन भूमि आवंटन नहीं होने से यह योजना भी शुरू नहीं हो पाई है।
गीता भवन निर्माण योजना भी ठप
नगरीय क्षेत्र खाचरौद में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए प्रस्तावित गीता भवन निर्माण की योजना को भी प्रशासनिक उदासीनता ने रोक दिया है। शासन द्वारा 27 सितंबर 2025 को स्वीकृति मिलने के बाद भूमि सर्वे क्रमांक 481/1 एवं 481/4 में से 0.65 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर 28 अक्टूबर 2025 को आवेदन किया गया था, लेकिन आज तक भूमि का आवंटन नहीं हो सका।
बस स्टैंड के पास दुकानों का निर्माण भी अटका
नगर पालिका द्वारा आय के संसाधन बढ़ाने के उद्देश्य से नागदा रोड स्थित नवीन बस स्टैंड के पास दुकानों के निर्माण की योजना भी बनाई गई थी। राजस्व विभाग ने 4 मई 2018 को सर्वे क्रमांक 486/1/1 में से 434.625 वर्गमीटर भूमि नगर पालिका को देने की स्वीकृति दी थी।
तहसीलदार के निर्देश पर नगर पालिका ने 8,39,696 रुपये नजूल प्रीमियम व भू-भाटक के रूप में 5 अगस्त 2024 को जमा भी करा दिए, लेकिन उसके बाद भी अंतिम आवंटन और निर्माण के लिए एनओसी जारी नहीं की गई।
जनपद पंचायत भवन निर्माण भी लंबित
पूर्व विधायक गुर्जर ने बताया कि एक परिसर एक प्रशासन नीति के तहत जनपद पंचायत खाचरौद के पुराने भवन सर्वे क्रं. 984 की भूमि की जगह नया भवन बनाने की मांग जनपद पंचायत द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री द्वारा इसी स्थान पर भवन निर्माण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है, लेकिन अभी तक भूमि आवंटन की कोई प्रक्रिया प्रारंभ नही की गई है।
कलेक्टर, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि केवल भूमि आवंटन में देरी के कारण शहर की महत्वपूर्ण विकास योजनाएँ ठप पड़ी हैं। मुख्यमंत्री व जिला कलेक्टर से मांग की है कि मामले में स्वयं संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाए और नगर पालिका को शीघ्र भूमि आवंटित कर योजनाओं को प्रारंभ कराया जाए, ताकि शहरवासियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
पूर्व विधायक गुर्जर ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो जनहित के मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन भी किया जाएगा।