बैंक मैनेजर की बढ़ी भूख हरदोई में सरकारी योजना में बेरोजगारों संग 'कमीशन' का खेल
*हरदोई*
मुख्यमंत्री की 'युवा उद्यमी विकास योजना' युवाओं के सपने साकार करने के लिए है, लेकिन बैंक के कुछ मुलाजिमों ने इसे अपनी 'ऊपरी कमाई' का जरिया बना लिया है। ताजा मामला बेनीगंज इलाके का है, जहां बैंक ऑफ इंडिया की शुक्लापुर शाखा प्रताप नगर में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज आरोप लगा है। पीडित युवा अनुज कुमार पुत्र श्रीपाल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बैंक मैनेजर और चपरासी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित अनुज का कहना है कि उन्होंने अपना रोजगार शुरू करने के लिए लोन लिया था। जिसकी कुछ दिन पूर्व पहली किस्त मिलते ही बैंक के 'साहबों' की नीयत डोल गई। जहां ₹25,000 की जबरन FD बनवा दी गई। इतना ही नहीं, बैंक मैनेजर और चपरासी बबलू ने मिलकर लोन राशि का 15% (करीब 33,900) बतौर 'घूस' डकार लिया। अब जब अनुज दूसरी किस्त लेने पहुंचे, तो उनसे ₹20,000 की अतिरिक्त रिश्वत मांगी जा रही है। मना करने पर उनकी फाइल रोक दी गई है। शिकायतकर्ता ने एक और बड़ा खुलासा किया है। अनुज का आरोप है कि बैंक मैनेजर ने कागजों में हेराफेरी कर कई अपात्र लोगों को लोन बांट दिया है—ऐसे लोग जो असल में कोई बिजनेस ही नहीं कर रहे। वहीं दूसरी ओर, जो युवा वाकई में मेहनत करना चाहते हैं, उनसे अवैध वसूली की जा रही है। परेशान युवक ने अब सीधे प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। पत्र में मांग की गई है कि:
शाखा में स्वीकृत सभी फाइलों की विस्तृत जांच हो।
लोन लेने वालों का 'फील्ड वेरिफिकेशन' कराया जाए कि बिजनेस चल भी रहा है या नहीं। रिश्वतखोर अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो ताकि किसी और युवा का भविष्य बर्बाद न हो। वहीं अब देखना यह है कि प्रशासन इन 'भ्रष्ट बागियों' पर कब और कैसी कार्रवाई करता है। हालांकि पीड़ित बेरोजगार अनुज आज भी बैंक के चक्कर लगाने को मजबूर है।
*रिपोर्ट यूनुश सिद्दीक़ी
हरदोई *