आडागेला हरिनगर में गूँजा 'धरती माता की जय' का उद्घोष, ग्रामीणों ने लिया भूमि सुपोषण का संकल्प
आडागेला हरिनगर: पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से आज ग्राम आडागेला हरिनगर में 'भूमि सुपोषण एवं संरक्षण जन अभियान' के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम और 'भूमि पूजन' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी माटी को रसायन मुक्त और समृद्ध बनाने की शपथ ली।
परंपरागत विधि से हुआ भूमि पूजन
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक 'भूमि पूजन' विधि के साथ हुई। उपस्थित जनों ने मिट्टी को तिलक लगाकर, पुष्प और अक्षत अर्पित कर धरती माता के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। अभियान के आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम देशव्यापी स्तर पर चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आधुनिक खेती में बढ़ते रसायनों के उपयोग को रोककर प्राकृतिक संतुलन बहाल करना है।
मिट्टी बचाने के लिए 'पंचामृत' संकल्प
अभियान के दौरान ग्रामीणों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का संकल्प लिया:
मृदा क्षरण रोकना: खेतों की मेड़बंदी करना और वृक्षारोपण को बढ़ावा देना।
*जैविक खाद का प्रयोग:* रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के स्थान पर गोबर खाद और प्राकृतिक खाद का उपयोग करना।
*जल संरक्षण:* सिंचाई के दौरान पानी की बर्बादी रोकना।
प्लास्टिक मुक्त खेत: कृषि कार्यों में प्लास्टिक और थर्मोकोल जैसी हानिकारक वस्तुओं का त्याग करना।
सामुदायिक सहभागिता पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि धरती केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारी माता है। इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में "माता भूमि: पुत्रो अहं पृथिव्या:" (भूमि मेरी माता है और मैं उसका पुत्र हूँ) का जयघोष किया।
इस अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिक और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।