तीन घंटे दिया धरना, पुलिस समझाइश के बाद खोला
फर्जी पट्टों का आरोप, लाखनपुर पंचायत कार्यालय पर जड़ा ताला
लालसोट
उपखंड के लाखनपुर ग्राम पंचायत में आबादी भूमि के पट्टों को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को फिर उभर आया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कार्यालय के चैनल गेट पर ताला जड़कर करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाइश कर ताला खुलवाया, लेकिन ग्रामीण दिनभर मौके पर डटे रहे और अधिकारियों के आने की मांग करते रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि लालसोट-कोथून हाइवे के पास करोड़ों रुपए की आबादी भूमि पर वर्ष 1982 में बिना कब्जाधारी लोगों को पट्टे जारी किए गए थे, जिन पर न्यायालय की ओर से स्थगन आदेश भी जारी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है और अब ग्राम पंचायत स्तर पर पट्टों का नवीनीकरण भी करा दिया गया है। इस मामले में ग्रामीण पहले भी जिला कलक्टर, एसडीएम और विकास अधिकारी को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान दयाराम मीना, अभिषेक मीना, अजय मीना सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। बाद में लालसोट थाने के एएसआई रामफूल ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश की और कार्यालय का ताला खुलवाया।
इधर, सरपंच पिंकी बैरवा ने पंचायत समिति कार्यालय पहुंचकर स विधायक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कुछ असामाजिक तत्वों पर दबाव बनाकर राजकार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया। सरपंच ने कहा कि उन्होंने नियमानुसार कार्य किया है और पट्टा जारी करने का आरोप गलत है।